जिले के जुन्नारदेव में सामने आया ज़हरीली मिठाई कांड अब हत्या का मामला साबित हुआ है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि मिठाई में जहर मृतिका खुशबू के ससुराल पक्ष के लोगों ने मिलाया था। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने मृतिका के ससुर, देवर और ननद को गिरफ्तार कर लिया है।
कैसे सामने आया मामला
8 जनवरी 2026 की रात अज्ञात व्यक्ति द्वारा एक थैले में सब्जी-नमकीन और मिठाई का डिब्बा रखकर PHE कार्यालय जुन्नारदेव के गेट के पास टांग दिया गया था।
9 जनवरी को वहां के चौकीदार दशरू यदुवंशी (निवासी डुंगरिया) ने उसी मिठाई के कुछ टुकड़े खा लिए। हालत बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल छिंदवाड़ा में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
10 जनवरी को पास ही चाय ठेला लगाने वाले मुकेश कथुरिया की पत्नी संतोषी कथुरिया ने उसी थैले में बची मिठाई घर ले जाकर अपनी दोनों बेटियों खुशबू और पूजा तथा ससुर सुन्दरलाल के साथ खा ली। इसके बाद सभी की तबीयत बिगड़ गई। अस्पताल में इलाज के दौरान सुन्दरलाल कथुरिया की 13 जनवरी को, खुशबू कथुरिया की 14 जनवरी को मृत्यु हो गई। संतोषी और उसकी बेटी पूजा इलाज के बाद स्वस्थ होकर घर लौट आईं।
ये भी पढ़ें-
मां-बेटी सहित तीन को दोहरा आजीवन कारावास, तंत्र क्रिया व मारपीट कर की थी अपने ही भाई-भतीजे की हत्या
जांच में सामने आई पारिवारिक रंजिश
पुलिस जांच में पता चला कि मृतिका खुशबू ने थावरीकला निवासी अखिलेश कसार से प्रेम विवाह किया था, लेकिन वह ससुराल के बजाय मायके में रह रही थी। ससुराल पक्ष से उसकी लगातार अनबन चल रही थी। इसी रंजिश के चलते खुशबू के ससुर झाड़ू कसार, देवर शुभम कसार और ननद शिवानी कसार (तीनों निवासी ग्राम थावरीकला, थाना चांद) ने साजिश रची। पुलिस के अनुसार, तीनों ने घोड़े को ठंड से बचाने के लिए दी जाने वाली जहरीली दवा मिठाई में मिलाकर उसे ऐसी जगह रख दिया, जहां से खुशबू या उसके परिचितों तक मिठाई पहुंच सके। इस जहरीली मिठाई को खाने से तीन लोगों की जान चली गई, जबकि दो लोग बाल-बाल बच गए।
पुलिस कार्रवाई
पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 109(1) और 61(2) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना की जा रही है। पुलिस अधीक्षक अजय पांडे और एएसपी आशीष खरे के मार्गदर्शन में इस अंधे हत्याकांड का खुलासा किया गया।