फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Burhanpur News: आंबेडकर अपमान पर भड़का जनआक्रोश, 41 डिग्री की भीषण गर्मी में सड़क पर बैठे मंत्री और विधायक

Sat, 18 Apr 2026 04:47 PM IST
बुरहानपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुरहानपुर

सार

अडगांव में आंबेडकर का बैनर फाड़ने की घटना पर भड़का आक्रोश सड़कों तक पहुंच गया। हालात ऐसे बने कि मंत्री और विधायक को भी 41 डिग्री की भीषण गर्मी में जमीन पर बैठकर लोगों के साथ समझाइश करनी पड़ी।
विज्ञापन
आंबेडकर विवाद में समझाइश के लिए पहुंचे मंत्री और विधायक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जिले के अडगांव में डॉ. बाबा साहब आंबेडकर के बैनर फाड़ने की घटना ने अब बड़े जनआंदोलन का रूप ले लिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज समाजजन शनिवार को सड़कों पर उतर आए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। हालात इतने गंभीर हो गए कि जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट और विधायक अर्चना चिटनिस को खुद प्रदर्शनकारियों के बीच आकर जमीन पर बैठना पड़ा।

विज्ञापन


बताया जा रहा है कि शाहपुर के अडगांव में आंबेडकर जयंती के पहले कुछ असामाजिक तत्वों ने बाबा साहब का बैनर फाड़ दिया था। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर 24 घंटे में गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था, लेकिन तय समय में कार्रवाई न होने से लोगों का गुस्सा भड़क गया।

शनिवार को बड़ी संख्या में लोग कलेक्ट्रेट परिसर में इकट्ठा हुए और नारेबाजी शुरू कर दी। 41 डिग्री की भीषण गर्मी में माहौल और भी गरम हो गया। स्थिति को संभालने के लिए मंत्री सिलावट और विधायक चिटनिस खुद मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों के बीच जमीन पर बैठकर उनकी बात सुनी।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: उज्जैन में हिंसक झड़प: दो बाइक की टक्कर के बाद बवाल, पथराव में थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मी घायल; केस दर्ज

मंत्री सिलावट ने कहा कि डॉ. आंबेडकर देश का गौरव हैं, उनके अपमान को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। मंत्री की इस बात के बावजूद प्रदर्शनकारी आरोपियों की गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी रखने पर अड़े रहे। इस दौरान भीम आर्मी के पदाधिकारियों दत्तू मेड, माया बाई तथा समाजजनों ने स्पष्ट कहा कि हमें केवल आश्वासन नहीं, कार्रवाई चाहिए। जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होंगे, हम पीछे नहीं हटेंगे।
विज्ञापन


इधर मंत्री ने अन्य मुद्दों पर भी संज्ञान लिया और क्रिटिकल केयर सेंटर में कथित भ्रष्टाचार की जांच के निर्देश दिए गए, वहीं ताप्ती नदी में मृत मछलियों के मामले में भी अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए गए। बहरहाल अडगांव विवाद ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि पुलिस कब तक आरोपियों को गिरफ्तार कर स्थिति को सामान्य कर पाती है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें