गैस संकट से मिठाई कारोबार प्रभावित, कोयले की भट्टियों पर बन रहा सामान
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जिले में इन दिनों कमर्शियल गैस सिलिंडर की किल्लत से होटल, ढाबा और मिठाई व्यवसायियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय हालातों के बाद कच्चे तेल और कमर्शियल गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका असर अब स्थानीय बाजार में भी दिखाई देने लगा है।
स्थिति यह हो गई है कि कई होटल और मिठाई दुकानों में गैस की जगह लकड़ी, कोयला और डीजल की भट्टियां जलाकर काम चलाया जा रहा है। शहर के प्रसिद्ध मिठाई प्रतिष्ठान के संचालक बनातवाला ने बताया कि गैस की कमी के कारण उत्पादन प्रभावित हो रहा है और उन्हें मिठाइयों व अन्य सामग्री की मात्रा कम करनी पड़ रही है। फैक्ट्री में मजबूरी में कोयले की भट्टी जलाकर काम करना पड़ रहा है।
वहीं कुंदन स्वीट्स के मैनेजर भाऊलाल महाजन ने बताया कि गैस की कमी से पुराने जमाने की तरह पारंपरिक भट्टियों पर काम करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि नए कर्मचारी केवल गैस पर काम करने के आदी हैं, इसलिए उन्हें अब लकड़ी और कोयले की भट्टी पर काम करना सीखना पड़ रहा है।
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इसी तरह बुरहानपुर जलेबी सेंटर के संचालक ने बताया कि उनकी फैक्ट्री में अब डीजल और कोयले की भट्टी बनाकर उत्पादन करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही गैस आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो आने वाले समय में व्यापारियों और आम लोगों दोनों को बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
व्यापारियों का कहना है कि अभी शादी-विवाह का सीजन शुरू हो चुका है और रमजान भी चल रहा है। इसके बाद हिंदू त्योहार भी आने वाले हैं, ऐसे में गैस की किल्लत से होटल और ढाबा संचालकों के साथ-साथ आम जनता भी प्रभावित हो रही है। अब लोगों की नजर शासन-प्रशासन पर टिकी है कि आम जनता और व्यापारियों की परेशानी को देखते हुए गैस आपूर्ति को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।