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MP News: देवी अहिल्या का नाम पाने 30 साल से तरस रहा भोपाल का चौराहा, निगम ने लगा डाला शैतान सिंह नाम का बोर्ड

Sun, 13 Oct 2024 06:12 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

राजधानी भोपाल में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर अपनी पहचान के लिए संघर्ष कर रही हैं। दरअसल, शाहपुरा क्षेत्र के एक चौराहा पर 30 साल पहले देवी अहिल्याबाई की प्रतिमा स्थापित की गई थी और चौराहा का नाम अहिल्याबाई के नाम पर रखा था, लेकिन यह अब शैतान सिंह चौराहा के नाम से पहचाना जा रहा है। 
 
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भोपाल नगर निगम की बड़ी लापरवाही - फोटो : अमर उजाला
प्रदेश की मोहन यादव सरकार जहां लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर की 300 वीं जयंती मना रही है, वहीं, भोपाल में इस महान शासिका के नाम का चौराहा "शैतान सिंह चौराहा" के नाम से पहचाना जा रहा है। भोपाल के शाहपुरा स्थित चौराहे का नाम 1994 में लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर रखा गया था। नगर निगम परिषद ने सर्वसम्मति से इसका अनुमोदन किया था, लेकिन धीरे धीरे उनके नाम को भुला दिया गया। हद तो यह है कि 2010 में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा का चौराहे पर लोकार्पण किया था। इसके बावजूद नगर निगम की तरफ से चौराहे पर उनके नाम को लेकर कोई बोर्ड या प्रचार प्रसार नहीं किया गया। हद तो यह है कि नगर निगम और प्रशासन लोकमाता अहिल्याबाई चौराहे की जगह शैतान सिंह चौराहे के बोर्ड लगा रखा है। यह सरकार की तरफ से उनकी जयंती पर आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों पर सवाल खड़े कर रहा है। 

प्रदेश भर में कार्यक्रम, राजधानी में लोकमाता की उपेक्षा
प्रदेश सरकार ने संस्कृति और परंपराओं को समर्पित करते हुए अहिल्या बाई होलकर की 300वीं जयंती के अवसर पर शस्त्र पूजन समारोह किया। परंतु दूसरी ओर भोपाल के शाहपुरा में स्थापित अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा और उनके नाम पर रखा गया चौराहा अपनी पहचान के लिए संघर्ष कर रहा है। यह उपेक्षा सरकार के प्रयासों को कमजोर कर रही है। हद तो यह है कि भोपाल में उनकी मात्र प्रतिमा की ना तो साफ-सफाई हुई और ना ही माल्यार्पण किया गया। अमर उजाला ने जब रविवार को इस संबंध में जिम्मेदारों से बात की तो उन्होंने चूक मानते हुए प्रतिमा पर माल्यार्पण कराया। 

अहिल्या बाई चौराहा नाम परिषद ने किया पास 
भाजपा पार्षद विलासराव घाड़गे ने बताया कि उन्होंने 1994 में चौराहे के नाम अहिल्या बाई होलकर करने का प्रस्ताव परिषद में रखा था, जिसे परिषद ने सर्वसहमति से पास किया था। उस समय उप महापौर ओम यादव और महापौर उमाशंकर गुप्ता थे। उप महापौर परिषद का संचालन करते थे। इसके बावजूद यदि नगर निगम किसी दूसरे नाम से चौराहे के बोर्ड लगा रहा है तो यह गलत है। इसको लेकर आपत्ति जताएंगे। 
 
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सड़क के किनारे लगी लोकमाता देवी अहिल्या की प्रतिमा - फोटो : अमर उजाला
प्रतिमा मैंने ही स्थापित कराई 
भाजपा नेता शैतान सिंह ने कहा कि चौराहे पर प्रतिमा मेरे पाल समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते स्थापित की गई। चौराहे पर प्रतिमा स्थापित करने के पहले से ही यह मेरे नाम से पहचाना जा रहा है।  

निगम को लिखूंगा पत्र 
पूर्व विधायक ध्रुवनारायण सिंह ने कहा कि लोग उसे शैतान सिंह चौराहा कहने लगे हैं। हालांकि, वह देवी अहिल्याबाई चौराहा ही है। नागरिकों को जानकारी में लाने के लिए नगर निगम को बोर्ड लगाने के लिए नगर निगम को पत्र लिखूंगा।  

 
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नगर निगम की तरफ से लगाया गया बोर्ड - फोटो : अमर उजाला
यही है इस सरकार का असली चेहरा 
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि सरकार देवी अहिल्या बाई होलकर के नाम पर सिर्फ बड़ी बड़ी बातें कर रही है। मेरी विधानसभा में शाहपुरा क्षेत्र में देवी अहिल्या बाई होलकर की प्रतिमा स्थापित है। उस प्रतिमा का तो ध्यान तक नहीं रखा जा रहा है। नगर निगम और जिला प्रशासन ने उस चौराहे को भाजपा नेता का नाम दे दिया है। इससे सरकार की कथनी और करनी की सच्चाई सामने आती है। यह इस सरकार का असली चेहरा है। 

महापौर को जानकारी ही नहीं 
भोपाल नगर निगम की महापौर मालती राय से जब इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि प्रतिमा स्थापित होने की उनको जानकारी नहीं है। यदि चौराहा मां अहिल्या बाई होलकर के नाम होने का संकल्प पारित है, तो उसका पालन कराएंगे।
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