इस्लामी माह रबी उल अव्वल का चांद राजधानी में दिखाई नहीं दिया। लेकिन आसपास के इलाकों से इसकी तस्दीक हो गई है। इसके मुताबिक नए इस्लामी महीने की शुरुआत गुरुवार से हो गई है। इस लिहाज से ईद मिलादुन्नबी का त्यौहार 16 सितंबर को मनाया जाएगा। इससे पहले शहर और प्रदेश भर में सीरत ए नबी (पैगंबर मुहम्मद की जीवनी) को लेकर अलग अलग स्थानों पर प्रोग्राम आयोजित किए जाएंगे।
काजी ए शहर सैयद मुश्ताक अली नदवी ने बताया कि बुधवार शाम को मोती मस्जिद में रुअत ए हिलाल कमेटी ने रबी उल अव्वल का चांद देखने की बैठक की। इस मौके पर शहर मुफ्ती अब्दुल कलाम खान कासमी, सैयद बाबर हुसैन नदवी, रईस अहमद खान कासमी, जसीम दाद खान, मोहम्मद शराफत खान रहमानी, अली कदर हुसैनी आदि मौजूद थे। शहर काजी ने बताया कि इस दौरान भोपाल के आसमान पर बादलों की मौजूदगी की वजह से चांद नजर नहीं आया। भोपाल के आसपास के गांवों के अलावा इंदौर और देश के कई प्रदेशों में चांद दिखने की तस्दीक हुई है। इन स्थानों पर रूआते हिलाल कमेटी मेंबरों ने फोन पर चर्चा भी की। इसके बाद माह रबी उल अव्वल के महीने की शुरुआत का ऐलान कर दिया गया है।
होंगे सीरत ए पाक के कार्यक्रम
रबी उल अव्वल की शुरुआत के साथ शहर में सीरत ए पाक के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अशोका गार्डन, मंगलवारा, बुधवारा, काजी कैंप समेत कई स्थानों पर होने वाले कार्यक्रमों में पैगंबर हजरत मोहम्मद की जीवनी पर आधारित बयान और तकरीर होंगी। देशभर से आने वाले उलेमा इन महफिलों को संबोधित करेंगे।
16 को ईद मिलादुन्नबी, निकलेंगे जुलूस
गुरुवार से शुरू होने वाले रबी उल अव्वल माह की 12 तारीख 16 सितंबर को मनाई जाएगी। इस दिन पैगंबर हजरत मुहम्मद की अकीदत में मस्जिदों, घरों और सार्वजनिक स्थानों पर कुरआन ख्वानी की जाएंगी। गरीब, जरूरतमंद लोगों और मिस्किन लोगों में लंगर वितरित किया जाएगा। इसके अलावा शहर में विभिन्न स्थानों से जुलूस भी निकाले जाएंगे। इन सभी जुलूसों का समापन इमामी गेट पर होगा। यहां उलेमाओं की तकरीर भी होंगी।
इसलिए है महत्व
मुसलमान रबी अल-अव्वल को महत्वपूर्ण मानते हैं क्योंकि इस महीने के दौरान यह घटनाएं घटित हुईं:
1. पैगम्बर मुहम्मद (सल्ल.) का जन्म, अंतिम संदेशवाहक जिन पर कुरान अवतरित हुआ।
2. पैगम्बर (सल्ल.) का हिजरा, जब वे मक्का से मदीना चले गए। इस्लामी कैलेंडर इसी घटना से शुरू होता है।
3. पैगम्बर (सल्ल.) की मृत्यु इस्लाम के ग्यारहवें वर्ष 12 रबी अल-अव्वल को हुई।