भोपाल के राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने 19.48 करोड़ रुपए निजी खातो में ट्रांसफर कर लिए। इस मामले की जांच के बाद अब शासन ने तत्कालीन कुलसचिव और वित्त शाखा के पूर्व में पदस्थ अधिकारियों/ कर्मचारियों को निलंबित करने और मामले में एफआईआर दर्ज करने का निर्णय लिया है।
तकनीकी शिक्षा विभाग को भोपाल के राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की राशि निजी खाते में डालने की शिकायत मिली थी। 19 फरवरी को प्राप्त शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की थी। कमेटी ने शनिवार को अपनी जांच रिपोर्ट विभाग को सौंपी। इसमें यूनिवर्सिटी के 19.48 करोड़ रुपए आपराधिक षड्यंत्र कर निजी खातों में ट्रांसफर करने की पुष्टि हुई है।
वहीं, तत्काल प्रभाव से तत्कालीन कुलसचिव डॉ. आरएस राजपूत को निलंबित करने और यूनिवर्सिटी की संबंधित शाखा में पदस्थ अधिकारियों/कर्मचारियों के निलंबन का निर्णय लिया गया है। संबंधित शाखा में संबंधित पदों पर अन्य अमले की पदस्थापना का निर्णय लिया गया है। साथ ही सेवा निवृत्त वित्त नियंत्रक एचके वर्मा के खिलाफ अलग से कार्यवाही किए जाने का निर्णय लिया है। वहीं, प्रकरण की गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है।