मध्य प्रदेश के मौसम का मिजाज बदला हुआ है। बादल बने होने से ठंडक नहीं हो रही है। चंबल और ग्वालियर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा दर्ज की गई है, उम्मीद है कि आने वाले एक दो दिनों में ठंडक बढ़ेगी। हवाओं का रुख भी उत्तरी होने लगा है। ऊपरी हिस्से में हुई बर्फबारी का असर जल्दी ही प्रदेश में पर पड़ता नजर आएगा।
मौसम केंद्र की रिपोर्ट कह रही है कि बीते 24 घंटों में चंबल और ग्वालियर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा दर्ज की गई तथा शेष संभागों के जिलों का मौसम शुष्क रहा। न्यूनतम तापमान में सभी संभागों के जिलों में विशेष परिवर्तन नहीं हुआ। इंदौर, जबलपुर, सागर एवं नर्मदापुरम संभागों के जिलों में सामान्य तथा शेष संभागों के जिलों में सामान्य से ज्यादा ही रहा।
प्रदेश के बड़े शहरों का हाल
| शहर |
अधिकतम तापमान |
न्यूनतम तापमान |
| भोपाल |
31.7 |
17.5 |
| इंदौर |
30.7 |
19.2 |
| जबलपुर |
30.2 |
15.8 |
| ग्वालियर |
30.6 |
15.8 |
मौसम विभाग के आंकड़ों की बात करें तो तापमान में कहीं-कहीं तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई। प्रदेश में सबसे गर्म दमोह रहा। दमोह में 33.6, खरगोन में 33.3, खंडवा में 33.1, राजगढ़ में 33, उज्जैन में 32.5, गुना-रीवा में 32, नौगांव में 31.8, भोपाल में 31.7, सागर में 31.6, धार में 31.4, रतलाम में 31.2, नर्मदापुरम-मंडला में 31 डिग्री अधिकतम तामपान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान की बात करें तो इसमें भी विशेष परिवर्तन देखने को नहीं मिला। प्रदेश में सबसे ठंडा पचमढ़ी बना हुआ है। हालांकि बीते 24 घंटों में यहां भी तापमान में उछाल रहा। पचमढ़ी में 12, मलाजखंड में 12.7, मंडला में 14, खरगोन में 14.2, बैतूल में 14.5, छिंदवाड़ा में 14.6, खजुराहो-रायसेन-उमरिया में 14.8, खंडवा में 15 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए हुए हैं। इस वजह से न्यूनतम तापमान में गिरावट नहीं हो रही है। जानकार बताते हैं कि जम्मू-कश्मीर पर बना पश्चिमी विक्षोभ शुक्रवार को उत्तर भारत से आगे बढ़ सकता है। उधर ऊपरी हिस्से में अच्छी बर्फबारी के कारण सर्द हवाएं चलने लगी हैं। प्रदेश में हवाओं का रुख उत्तरी होने लगा है। जानकार बताते हैं कि 15 नवंबर के बाद ठंड में इजाफा हो सकता है।