फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

MP: 'कमलनाथ बताएं, बजरंग दल पर बैन से सहमत या नहीं', कर्नाटक में कांग्रेस के घोषणापत्र पर गृह मंत्री नाराज

Wed, 03 May 2023 11:50 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

Narottam Mishra News: गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने पीसीसी चीफ कमलनाथ को कर्नाटक कांग्रेस के घोषणा पत्र में बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने और हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करने के लिए पत्र लिखा है।
विज्ञापन
फाइल फोटो - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कर्नाटक कांग्रेस के घोषणा पत्र में बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की बात को लेकर मध्यप्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने नाराजगी व्यक्त की और मध्यप्रदेश के पीसीसी चीफ कमल नाथ को पत्र लिखकर जवाब मांगा है। गृह मंत्री मिश्रा ने कमल नाथ को लिखे अपने पत्र में लिखा कि 'मंगलवार को कर्नाटक में कांग्रेस के द्वारा चुनावी घोषणा पत्र में पीएफआई जैसे राष्ट्र विरोधी संगठन के साथ बजरंग दल जैसे राष्ट्र सेवी संगठन पर प्रतिबंध लगाने की जो घोषणा की गई है, उसने सभी धर्म प्रेमियों और राष्ट्र भक्तों के मन में गहन वेदना उत्पन्न की है। कमल नाथ जी, मैंने आपके कई वीडियो और चित्र देखे हैं, जिनमें भगवान बजरंगबली के प्रति आपकी भक्ति साधना प्रदर्शित की गई है। बजरंगबली के प्रति आपकी श्रद्धा-भक्ति समय-समय पर कई बार मीडिया के माध्यम से भी देखी और सुनी गई है। ऐसे में कोई भी बजरंग भक्त ऐसा नहीं होगा, जो कर्नाटक में कांग्रेस के द्वारा बजरंग दल पर प्रतिबंध की घोषणा से आहत न हुआ हो। आपकी पार्टी के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह जी भी कर्नाटक घोषणा पत्र के इस बिंदु से सहमत हैं और वह पूर्व में मुख्यमंत्री रहते समय अपने कार्यकाल में बजरंग दल पर लगाए गए प्रतिबंध की बात को दोहरा रहे हैं। मेरा आपसे आग्रह है कि आप इस विषय पर अपनी प्रतिक्रिया स्पष्ट करें कि आप इस निर्णय के पक्ष में हैं या विपक्ष में। आपका अभिमत करोड़ों अरबों हिंदुओं की आस्था और धर्म के लिए बेहद आवश्यक है।'
विज्ञापन


नरोत्तम मिश्रा ने मीडिया से चर्चा करते हुए कमल नाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि 'या तो आप पाखंड करते हैं हनुमान जी के नाम पर कि आपने हनुमान चालीसा किया है और आप भगवान को कैद करना चाहते हैं प्रतिबंध लगाने चाहते हैं। मिश्रा ने कहा कि आप वही लोग हैं जिन्होंने राम भगवान को राम जन्म भूमि में ताले में रखा था। वही कांग्रेस है,जो हमेशा से सवाल उठाती आई है, राम जन्म भूमि के शिलान्यास की तारीख पर, पूर्व मंत्री जिन्होंने बोको हराम से तुलना की थी। उसी तरह से कर्नाटक का घोषणा पत्र सामने आया है। सोनिया गांधी जी को भी स्पष्ट करना चाहिए, अपनी प्रतिक्रिया देना चाहिए, उनके बेटे और बेटी जब मध्यप्रदेश में आते हैं, तो मंदिर-मंदिर जाते हैं चुनाव के वक्त, कभी जनेऊ डाल लेते हैं। उत्तरप्रदेश में चुनाव आएं तो गंगा जी में डुबकी लगाते हैं, तुष्टीकरण की राजनीति जो कांग्रेस कर रही है इसका जवाब कर्नाटक की जनता तो देगी ही, पर कमल नाथ जी आप मध्यप्रदेश के बारे में स्पष्ट करो, मेरे पत्र के जवाब में, जो करोड़ों हनुमान भक्तों और राष्ट्र भक्तों की आस्था पर कुठाराघात कांग्रेस ने किया है कर्नाटक में..'

बता दें, कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने 10 मई को होने वाले चुनाव से ठीक पहले अपना घोषणा पत्र जारी किया है। जारी होने के बाद से ही कांग्रेस का घोषणा पत्र विवादों में हैं। कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में नफरती संगठनों पर कार्रवाई करने की बात लिखी है। कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में प्रतिबंधित इस्लामिक संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की तुलना संघ से जुड़े विश्व हिंदू परिषद की युवा शाखा बजरंग दल से करते हुए कहा कि वह ऐसे संगठनों पर प्रतिबंध लगाएगी, जो दुश्मनी या नफरत को बढ़ावा देते हैं।
विज्ञापन

 

कांग्रेस की मति मारी गई है: सीएम शिवराज
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कर्नाटक कांग्रेस के घोषणा पत्र में  बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की बात पर कहा कि वह बजरंग दल जो प्रखर राष्ट्रवादी संगठन है। वह बजरंग दल जो आतंकवाद का विरोध करता है,  लव जिहाद का विरोध करता है। सामाजिक सेवा सहित देश भक्ति के भाव, अपनी धर्म और संस्कृति के प्रति स्वाभिमान और जागरण का भाव पैदा करता है उसकी तुलना पीएफआई से, आतंकवादी संगठन से। ये वही कांग्रेस है जो भगवान राम के मंदिर निर्माण का विरोध करती थी। ये वही कांग्रेस है जिन्होंने रामसेतु को काल्पनिक कहा था। ये वही कांग्रेस है, जो मौका मिलते ही हिंदुत्व का विरोध करती है। आज उसका चेहरा पूरी तरह से बेनकाब हो गया है। सीएम ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक का विरोध करने वाले, आतंकवादियों को महिमामंडित करने वाले अब बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की बात कर रहे हैं। कमलनाथ जी बड़े हनुमानजी के भक्त बनते हैं। प्रतिबंध बजरंग दल पर लगाने की बात कांग्रेस कर रही है। कमलनाथ भी इसका जवाब दें।

वहीं, बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की बात पर दमोह के जबेरा दौरे पर पहुंचे पीसीसी चीफ कमलनाथ ने कहा हमारे मेनिफेस्टो कमेटी की बैठक हुई है। यह तो सुप्रीम कोर्ट कह रही है, पूरा प्रदेश कह रहा है, जो नफरत फैलाए जो विवाद करवाएं, उसके ऊपर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए । यह आज हमारी सामाजिक चिंता की बात है।
विज्ञापन

बजरंग दल पर प्रतिबन्ध वाली बात पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने भी प्रतिक्रिया व्यक्त की। वीडी शर्मा ने कहा कि  कांग्रेस हमेशा से तुष्टिकरण की राजनीति करती रही है, जिस प्रकार से कर्नाटक के अंदर कांग्रेस ने बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की जो बात कही है। बजरंग दल इस देश का एक ऐसा संगठन है, जो सामाजिक दृष्टि से, धार्मिक दृष्टि से लोगों के लिए हर प्रकार से खड़े होकर और देश समाज के लिए अपनी भूमिका निभाता है, लेकिन कांग्रेस का चरित्र रहा है कि किस प्रकार से तुष्टिकरण करें तो कर्नाटक में जहां अब उन्हें हार का सामना करना पड़ रहा है। अंत में जो उनके मूल कैरेक्टर में है, जो उनके मूल जींस में हैं तुष्टिकरण पर राजनीति करना फिर वह बजरंगबली को भी आज, पहले भगवान राम पर उन्होंने आक्रमण किया राम के अस्तित्व को नकारा, अब वह बजरंग दल पर भी प्रतिबंध लगाकर भगवान बजरंगबली पर इस प्रकार के प्रयास करना कांग्रेस द्वारा दुर्भाग्य जनक हैं। अंत में वही पांसा उन्होंने चलने का प्रयास किया कि तुष्टीकरण में एक समाज वर्ग के वोट कैसे लिए जाएं। आप चिंता मत करिए कर्नाटक ने भी बेहतर आपको देखा है, अच्छे तरीके से देश भी देखता है यह तुष्टीकरण की राजनीति अब इस देश के अंदर नहीं चलेगी। भारत का नेतृत्व भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं, तो सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के मंत्र पर आज भारतीय जनता पार्टी काम कर रही है और मोदी जी का जादू कर्नाटक के अंदर चल रहा है तो अब यहां तक कांग्रेस पहुंच गई है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें