मुस्लिम महिला को दहेज के लिए प्रताड़ित करने, गर्भपात कराने और ट्रिपल तलाक देने के गंभीर मामले में थाना कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस अधीक्षक बैतूल निश्चल एन. झारिया के निर्देश पर विशेष अनुसंधान टीम (SIT) का गठन किया गया था, जिसने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया।
थाना कोतवाली में दर्ज शिकायत के अनुसार, फरियादिया सबा अली (23 वर्ष), निवासी मोती वार्ड बैतूल ने 3 जनवरी 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी शादी 19 मई 2024 को शोएब अली पिता रईस अली के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज से हुई थी। शादी के कुछ ही दिनों बाद पति शोएब अली, सास हनीफा अली, ससुर रईस अली और देवर शाहदाब अली द्वारा दो लाख रुपये दहेज की मांग को लेकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।
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पीड़िता ने बताया कि 31 अक्टूबर 2024 को उसे बुरी तरह मारपीट कर दो मंजिला मकान की छत से नीचे फेंक दिया गया, जिससे उसका गर्भपात हो गया। इस आधार पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 12/2025 धारा 85, 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध किया गया। आगे विवेचना के दौरान धारा 115(2), 117(2), 109 BNS एवं मुस्लिम महिला (विवाह अधिकारों की सुरक्षा) अधिनियम 2019 की धारा 3/4 का इजाफा किया गया।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एसडीओपी बैतूल शालिनी परस्ते के नेतृत्व में SIT का गठन किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी के निर्देशन में टीम ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सघन प्रयास किए और दिनांक 10 अप्रैल 2025 को चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया। इनमें शोएब अली पिता रईस अली, रईस अली पिता नूर अली, हनीफा अली पति रईस अली,शाहदाब अली पिता रईस अली शामिल हैं।
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एसपी निश्चल झारिया का कहना है की गत दिनों एक महिला द्वारा ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना और मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाए थे, उस पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया मुस्लिम पक्ष की महिला थी और महिला द्वारा तीन तलाक संबंधित तथ्य भी बताए गए। महिला की रिपोर्ट पर जो अपराध पंजीबद्ध किए गए थे उसमें धाराएं बढ़ाई गई। चूंकि जांच में ये आरोप सही पाए गए थे।