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बड़वानी: सेंधवा की इंदिरा शर्मा ने देहदान से पेश की मिसाल, गार्ड ऑफ ऑनर के साथ पार्थिव देह इंदौर रवाना

Sun, 25 Oct 2026 08:25 PM IST
बड़वानी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बड़वानी

सार

बड़वानी जिले के सेंधवा की 87 वर्षीय इंदिरा शर्मा के निधन के बाद परिवार ने उनका देहदान संकल्प पूरा किया। नेत्रदान, त्वचा दान और देहदान की प्रक्रिया पूरी की गई। पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर राजकीय सम्मान से विदाई दी। उनकी देह चिकित्सा शिक्षा के लिए इंडेक्स मेडिकल कॉलेज भेजी जाएगी। 
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देहदानी इंदिरा शर्मा
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विस्तार
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बड़वानी जिले के सेंधवा की 87 वर्षीय महिला के देहदान के संकल्प को परिवार ने उनके निधन के बाद पूरा किया। पुलिस प्रशासन ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी। नेत्रदान, त्वचा दान और देहदान से जरूरतमंदों और चिकित्सा शिक्षा को लाभ मिलेगा।

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इंदिरा रमेशचंद्र शर्मा ने 20 अक्तूबर को दशहरे के अवसर पर देहदान का संकल्प लिया था। 24 अक्तूबर को उनके निधन के बाद परिवार ने मानव सेवा समिति सेंधवा को इसकी सूचना दी। समिति ने मुस्कान ग्रुप इंदौर के संदीपन आर्य और जीतू बगानी से संपर्क कर देहदान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।

मानव सेवा समिति सेंधवा और मुस्कान ग्रुप इंदौर के सहयोग से नेत्रदान, त्वचा दान और देहदान की प्रक्रिया पूरी कराई गई। रविवार सुबह 10 बजे इंदिरा शर्मा के निवास पर शहर के गणमान्य नागरिकों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी।
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नेत्रदान से दो लोगों को मिल सकेगी रोशनी
मानव सेवा समिति के नीलेश जैन ने बताया कि इंदिरा शर्मा की आंखें एमके इंटरनेशनल आई बैंक, इंदौर भेजी जाएंगी। इससे दो दृष्टिबाधित लोगों को रोशनी मिलने की उम्मीद है। उनकी त्वचा चोइथराम अस्पताल, इंदौर के स्किन बैंक भेजी जाएगी, जिससे गंभीर रूप से झुलसे पांच से आठ मरीजों के उपचार में मदद मिल सकती है।

इंडेक्स मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा शिक्षा के लिए उपयोग होगी देह
इंदिरा शर्मा की पार्थिव देह इंडेक्स मेडिकल कॉलेज, इंदौर भेजी जाएगी। मानव सेवा समिति के डॉ. किंशुक लालका ने बताया कि एक देह से मेडिकल कॉलेज में 150 से 200 एमबीबीएस विद्यार्थी पूरे साल प्रायोगिक प्रशिक्षण ले सकते हैं। इससे विद्यार्थियों को सर्जरी सीखने में मदद मिलती है और भविष्य में मरीजों के उपचार में इसका लाभ मिलता है।

डॉ. किंशुक लालका ने बताया कि मानव सेवा समिति का पहला नेत्रदान भी शर्मा परिवार के सहयोग से वर्ष 2016 में हुआ था। समिति का पहला देहदान भी इसी परिवार से हुआ है। उन्होंने कहा कि सेंधवा जैसे छोटे शहर में इस तरह का कदम अन्य लोगों को भी देहदान, अंगदान और नेत्रदान के लिए प्रेरित कर सकता है।

परिवार के निर्णय की सराहना, लोगों से आगे आने की अपील
मानव सेवा समिति के महेंद्र परिहार ने शर्मा परिवार के निर्णय की सराहना की। उन्होंने सेंधवा के लोगों से परिवार से प्रेरणा लेकर देहदान, अंगदान और नेत्रदान के लिए आगे आने की अपील की। समिति के नीलेश जैन ने भी सेंधवा वासियों से इंदिरा शर्मा के पदचिह्नों पर चलकर मानव जीवन को सार्थक बनाने का आह्वान किया।
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अधिकारियों और नागरिकों का रहा सहयोग
इस पूरी प्रक्रिया में बड़वानी कलेक्टर जयति सिंह, अजित जैन, टीआई दिनेश कुशवाह, सीएचएमओ ठाकुर साहब और भावना कुमरावत का विशेष सहयोग रहा। इस अवसर पर मानव सेवा समिति सेंधवा के नीलेश जैन, डॉ. किंशुक लालका, महेंद्र परिहार, राजेंद्र यादव, हरचरण सिंह भाटिया, राजेंद्र मोतियानी, राजेंद्र सिंह रघुवंशी, पोरलाल खर्ते, दिलीप अग्रवाल, हेमंत अग्रवाल, देवेंद्र मंडलोई, कमल जायसवाल, निखिलेश मित्तल और विशाल वैष्णव सहित नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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