सीहोर में शराब दुकानों की नीलामी के लिए आबकारी विभाग ने छठी बार टेंडर निकाले हैं।
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शराब को लेकर भले ही प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं पूर्व मुख्यमंत्री उमाभारती के बीच शीत युद्ध छिड़ा हुआ हो, लेकिन सरकार की आर्थिक स्थिति शराब के कारण ही संभली हुई है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है, क्योंकि इस बार सरकार को शराब से अच्छी खासी आमदनी हो रही है। शराब के कारण सरकारी खजाना भी भरा रहा है। दरअसल सरकार ने इस बार सीहोर जिले में शराब की दुकानों की नीलामी के लिए 240 करोड़ रुपये का लक्ष्य तय किया है। यह लक्ष्य गत वर्ष 158 करोड़ की तुलना में 82 करोड़ अधिक है। इसके बाद सरकार को शराब की बिक्री से भी अच्छी खासी आय होगी। हालांकि सरकार के बढ़े हुए लक्ष्य के चलते इस बार अब तक सीहोर जिले की शराब दुकानें नीलाम नहीं हो पाई हैं। अब जिला आबकारी विभाग द्वारा छठी बार टेंडर निकाले गए हैं।
प्रदेश में शराब से आय बढ़ाने के लिए सरकार ने नई आबकारी नीति 2022-23 में कई तरह के बदलाव किए हैं। इसके चलते अब देशी शराब दुकानों पर विदेशी शराब बेचने की अनुमति दी गई है। अन्य तरह के संशोधन भी किए हैं। बताया जा रहा है कि 76 प्रतिशत से अधिक दुकानों की नीलामी प्रक्रिया हो चुकी है, लेकिन दो समूहों के लिए अब तक टेंडर प्राप्त नहीं हो सके हैं। सीहोर जिले के 22 एकल मदिरा समूहों के 14 विदेशी शराब दुकान एवं 57 देशी शराब दुकान सहित छावनी समूह एवं चौक समूह के लिए नवीनीकरण हेतु आवेदन दिए गए थे। इसके लिए ई-टेंडर प्रक्रिया भी की गई, लेकिन छावनी समूह एवं चौक समूह के लिए आरक्षित मूल्य पर किसी ने भी टेंडर नहीं डाले। इसके कारण इन समूहों की नीलामी नहीं हो सकी। अब जिला आबकारी विभाग द्वारा छठी बार छावनी समूह आरक्षित मूल्य 31 करोड़ 41 लाख 38 हजार 674 रुपये एवं चौक समूह आरक्षित मूल्य 24 करोड़ 70 लाख 52 हजार 842 रुपये के लिए फिर से ई-टेंडर प्रक्रिया की विज्ञप्ति जारी की गई है। यह टेंडर 22 मार्च को शाम 4 बजे खोले जाएंगे।
सीहोर जिला आबकारी अधिकारी कीर्ति दुबे ने बताया कि जिले की 76 प्रतिशत से अधिक शराब दुकानों की नीलामी हो चुकी हैं। चौक समूह एवं छावनी समूह की नीलामी के लिए अब फिर से टेंडर प्रक्रिया की गई है। इस बार जिले की शराब दुकानों के लिए 240 करोड़ रुपये का लक्ष्य तय किया गया है।