आंदोलन में शामिल ग्रामीण और उन्हें समझाइश देने पहुंचे अधिकारी
अनूपपुर जिले के भालूमाडा थाना क्षेत्र अंतर्गत पयारी में स्थानीय ग्रामीणों ने एसईसीएल जमुना-कोतमा क्षेत्र की आमाडाड कोयला खदान और नीलकंठ कंपनी के खिलाफ चक्का जाम आंदोलन किया। ग्रामीणों ने करीब एक घंटे तक मार्ग पर आवागमन बंद कर दिया। सूचना पर पुलिस पहले ही मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए सड़क पर धरने पर बैठ गए। कंपनी अधिकारियों और प्रशासन की टीम के आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त हुआ। इससे बुधवार को करीब एक घंटे तक जाम लगा रहा।
ग्रामीणों की मुख्य मांगें
- स्थानीय रोजगार: ग्रामीणों का आरोप है कि 2004 से संचालित आमाडाड कोयला खदान में अब तक स्थानीय लोगों को पूर्ण रोजगार नहीं दिया गया। बड़ी संख्या में रोजगार के आवेदन लंबित हैं।
- बाहरी लोगों की भर्ती: नीलकंठ कंपनी में 80% बाहरी लोगों को रोजगार दिया गया है, जबकि स्थानीय लोगों को अनदेखा किया गया।
- वेतन विसंगति: जिन स्थानीय लोगों को रोजगार मिला है, उन्हें उचित वेतन नहीं दिया जा रहा।
- सामाजिक विकास: ग्रामीणों ने कोयला खदान से प्रभावित 10 किलोमीटर के क्षेत्र में सड़क, पानी और बिजली की समस्याओं का समाधान न होने की शिकायत की।
- सड़क मरम्मत: भारी वाहनों की आवाजाही से ग्रामीण सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, लेकिन प्रबंधन उनकी मरम्मत नहीं कर रहा।
- परिवहन आपत्ति: कोयला परिवहन के दौरान उत्पन्न समस्याओं पर ध्यान देने की मांग की गई।
इस दौरान पुलिस, प्रशासन और कॉलरी प्रबंधन के अधिकारी मौके पर उपस्थित रहे। आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने आंदोलन समाप्त कर दिया।