अमरकंटक में बनकर तैयार झूला पुल
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पवित्र नगरी अमरकंटक में श्रद्धालुओं को अब हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे तीर्थ स्थलों की तरह झूला पुल का आनंद प्राप्त होगा। अमरकंटक स्थित रामघाट पर बना यह झूला पुल सिर्फ एक निर्माण नहीं, बल्कि आस्था, विकास और पर्यटक सुविधा का जीवंत प्रतीक बन गया है। नर्मदा के उत्तर और दक्षिण तटों को जोड़ने वाला यह आकर्षक पुल श्रद्धालुओं के लिए अब लंबी दूरी और असुविधाजनक रास्तों का विकल्प बनकर आया है।
10 करोड़ की लागत, रात्रि में दिखेगा और भी खूबसूरत
10 करोड़ रुपये की लागत से बने इस झूला पुल पर अब रंग-बिरंगी झालरों की सजावट अंतिम चरण में है। अनुमान है कि जून के अंत तक इसकी बिजली व्यवस्था का परीक्षण पूरा हो जाएगा । प्रसाद योजना के तहत इसका निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है। जिसका उद्देश्य तीर्थ स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करना है।
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स्थानीय निकाय संभालेगा जिम्मा
परियोजना को पूरा करने के बाद इसे अब नगर परिषद अमरकंटक को सौंपने की तैयारी है। शहडोल संभाग के सहायक यंत्री सोमपाल सिंह लोधी ने जानकारी दी कि पुल पूरी तरह तैयार है। जल्द ही इसे जनता के लिए खोल दिया जाएगा।पुल के रखरखाव और व्यवस्था के लिए छोटा सा शुल्क तय किया जा सकता है, जिससे इसके दीर्घकालिक संचालन में कोई बाधा न आए।
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पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, आस्था को मिलेगा सम्मान
झूला पुल से न केवल श्रद्धालुओं को सुविधा होगी, बल्कि अमरकंटक को एक नया पर्यटन आकर्षण भी मिलेगा। अब आने वाले श्रद्धालु दोनों तटों पर आसानी से जा सकेंगे, नर्मदा की परिक्रमा और पूजा-पाठ करना ज्यादा सरल होगा। फिलहाल,श्रद्धालुओं ने यहां पहुंचकर सेल्फी लेना भी प्रारंभ कर दिया है।आम जन को मिली इस सुविधा से अब धार्मिक नगरी का स्वरूप और भी बेहतर हो गया है। पहले लोगों को घूमकर दूसरे तट पर जाना पड़ता था , अब पुल की सहायता से दूसरे तट पर जाना आसान हो गया है।