अनूपपुर जिले के कोतमा में लंबे समय से अवैध क्लीनिकों एवं पैथोलॉजी की भरमार छाई हुई है। नगर में संचालित ऐसे क्लीनिक संचालक आए दिन गलत उपचार करके मानव जीवन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने के लगातार मामले सामने आ रहे हैं।
बता दें कि मंगलवार को एसडीएम अजीत तिर्की, सीएमएचओ आरके वर्मा, तहसीलदार ईश्वर प्रधान, थाना प्रभारी सुन्द्रेश सिंह, बीएमओ मनोज सिंह की टीम ने मुखर्जी चौक के पास संचालित चांदसी क्लीनिक में छापा मार कार्रवाई करते हुए बिना डिग्री, पंजीयन एवं वैधानिक अनुमति के पाए जाने पर क्लीनिक को सील किया। संयुक्त टीम की भनक लगते ही संचालक वीके विश्वास फरार हो गया। टीम को मौके पर किसी प्रकार की डिग्री, पंजीयन सहित जिला स्वास्थ्य विभाग से अनुमति के कोई दस्तावेज नहीं पाए गए। छानबीन में किसी प्रकार की दवाइयां की भी जब्ती नहीं हो सकी। परिजनों के सामने मौका पंचनामा कार्रवाई उपरांत अधिकारियों ने क्लीनिक को सील किया।
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उपचार में लापरवाही से हुई थी मौत
पकरिया निवासी भूषण गुप्ता की मौत के मामले में क्लीनिक पर गंभीर आरोप भी लगा था। एक सप्ताह तक इलाज क्लीनिक में चलाए जाने का आरोप मृतक के परिजन लगाए थे। टीम ने बस स्टैंड सहित अन्य अवैध क्लीनिक में भी दबिश दी। छापे की भनक लगते ही नगर की ज्यादातर बिना पंजीयन वाले क्लीनिक शटर गिराकर भाग खड़े हुए थे। सूत्रों के अनुसार हाल में ही स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ युवाओं के अनशन के बाद अमला सक्रिय नजर आ रहा है।
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कोतमा क्षेत्र अवैध रूप से संचालित क्लिनिको के लिए हमेशा सुर्खियों में रहा है। हाल में ही मुखर्जी चौक के पास बॉस क्लीनिक संचालक यूके बॉस के गलत इलाज से वनरक्षक मनोज उपाध्याय की भी मौत हो गई थी जिसके बाद पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर क्लिनिक संचालक को सलाखों के पीछे भेजा गया था।
इनका कहना है...
सयुक्त टीम ने जांच के दौरान किसी प्रकार की डिग्री एवं वैधानिक अनुमति नहीं पाए जाने पर क्लिनिक शील की गई। अभियान जारी रहेगा।
आरके वर्मा, सीएमएचओ