नगर पालिका परिषद पसान के उपाध्यक्ष अजय यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग तेज हो गई है। सोमवार, 12 अक्टूबर को नगर पालिका अध्यक्ष राम अवध सिंह के नेतृत्व में 16 पार्षदों ने कलेक्टर रत्नाकर झा को आवेदन सौंपकर अविश्वास प्रस्ताव से जुड़ी वैधानिक प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग की।
आवेदन में मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1961 की धारा 43-क का उल्लेख करते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने और बैठक आहूत करने की प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किया गया है।
विकास कार्यों में बाधा डालने का आरोप
पार्षदों ने आवेदन में आरोप लगाया है कि उपाध्यक्ष अजय यादव के कार्यव्यवहार के कारण नगर के जनहितकारी विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। साथ ही, सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से नगर पालिका तथा पार्षदों के खिलाफ भ्रामक एवं द्वेषपूर्ण प्रचार किए जाने का आरोप भी लगाया गया है।
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इससे पहले नगर पालिका अध्यक्ष राम अवध सिंह ने उपाध्यक्ष अजय यादव के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके अलावा एफडीआर की राशि में गड़बड़ी के मामले में भी अपराध दर्ज करने की मांग की गई थी। दोनों पक्षों के बीच विवाद का प्रमुख कारण मंगल भवन का निर्माण कार्य बताया जा रहा है। उपाध्यक्ष अजय यादव की शिकायत के बाद विभाग ने भवन के निर्माण पर रोक लगा दी है।
निंदा प्रस्ताव के बाद बढ़ी सियासी हलचल
9 अक्टूबर को आयोजित नगर पालिका परिषद की बैठक में उपाध्यक्ष अजय यादव के खिलाफ सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित किया गया था। इसके बाद 12 अक्टूबर को अध्यक्ष और 16 पार्षदों ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग की।
आवेदन का समर्थन करने वाले पार्षदों में पूजा सिंह, गीता यादव, सविता सिंह, विकास कुमार जायसवाल, सरोज लोधी, अलका जायसवाल, पुष्पा सिंह श्याम, सुशील कुमार (चुन्ना), चैनू, आफरीन बिलाल हुसैन, अब्दुल कलाम, दीपक कुमार सिंह, दिपाली साहू, अर्चना मुगोरिया, शकुन पनिका और इंद्रलाल केवट शामिल हैं। अब इस मामले में कलेक्टर के स्तर पर होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।