अनूपपुर जिले के बैहाटोला गांव में 11 हजार केवी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से ठेका कर्मचारी की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान 29 वर्षीय कौशल केवट, पिता देवशरण माझी, निवासी पथरौडी के रूप में हुई है। कौशल क्रिस्टल एजेंसी के माध्यम से विद्युत विभाग में कार्यरत था।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 12 बजे बैहाटोला गांव में बिजली बंद होने की शिकायत पर कौशल केवट, गोपाल सिंह और राजेश तोमर लाइन सुधार कार्य के लिए पहुंचे थे। सप्लाई बंद करने की विधिवत परमिट लिए जाने के बावजूद 11 हजार केवी लाइन में अचानक करंट आ गया। पोल पर चढ़े कौशल केवट तेज करंट की चपेट में आ गए और खंभे से चिपक गए, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस हादसे में गोपाल सिंह भी गंभीर रूप से झुलस गए, जिनका उपचार जारी है।
करंट लगने के बाद साथी कर्मचारियों ने कौशल को नीचे उतारा और इलाज के लिए बैहाटोला, मनेद्रगढ़ और आमाखेरवा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रात भर भटकने के बाद अंततः कोतमा अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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घटना की सूचना मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। विद्युत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही से हुई मौत को लेकर कोतमा स्वास्थ्य केंद्र में लोगों ने जमकर प्रदर्शन किया और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। घटना के करीब 10 घंटे बाद तक भी कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे लोगों का गुस्सा और भड़क गया। बाद में विभाग द्वारा दोषियों पर कार्रवाई और आर्थिक सहायता का आश्वासन दिए जाने के बाद पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार किया गया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
कौशल केवट परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसकी मौत से पत्नी और दो मासूम बच्चों 7 वर्षीय बेटी और 4 वर्षीय बेटे के सिर से पिता का साया उठ गया। घटना से पूरे गांव में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।