अनूपपुर जिले के आदिवासी बाहुल्य विकास खंड पुष्पराजगढ़ में हेरिटेज लिकर योजना के तहत बीते वर्ष महुआ से शराब निर्माण किए जाने की इकाई स्थापित किए जाने की घोषणा शासन ने की थी। योजना के तहत आदिवासी स्व सहायता समूह को महूए से बनने वाले शराब के निर्माण का कार्य किया जाना है, जिसके लिए शासन की घोषणा के 1 वर्ष बीत जाने के बावजूद अभी तक बजट प्राप्त न होने के कारण इस योजना पर कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है।
हेरिटेज लिकर योजना आदिवासी क्षेत्र में महुआ से शराब निर्माण किए जाने की योजना है, जिसके लिए अनूपपुर जिले के अचलपुर के स्व सहायता समूह का प्रस्ताव बीते वर्ष प्रशासन ने शासन को अनुमोदन तथा बजट के लिए भेजा था। जहां से अभी तक इस कार्य के लिए बजट की प्राप्ति न होने के कारण यह कार्य अभी शुरू नहीं हो पाया है। आदिवासी परिवार को इससे समृद्ध किए जाने की योजना शामिल है, जिसके अंतर्गत स्व सहायता समूह महुआ की खरीदी करते हुए इससे शराब निर्माण इकाई के माध्यम से शराब बनाएंगे और इसका विक्रय भी किया जाएगा। इससे जो लाभांश की प्राप्ति होगी वह स्व सहायता समूह को प्राप्त होगा।
प्रस्ताव पर अभी तक नहीं मिली बजट की स्वीकृति
प्रशासन ने इस योजना के लिए 98 लाख रुपये की लागत से शराब निर्माण यूनिट की स्थापना किए जाने के लिए आदिवासी वित्त विकास की स्वपोषित योजना के अंतर्गत राशि की मांग शासन से की गई थी। बीते वर्ष इस योजना को प्रारंभ किए जाने की घोषणा शासन ने की थी, जिसके बाद वर्ष बीत जाने के बावजूद इस पर राशि न मिलने के कारण इस कार्य को प्रारंभ नहीं किया जा सका। जबकि इससे स्थानीय आदिवासी परिवारों को महुआ के फूल का विक्रय किए जाने से लाभ की प्राप्ति होगी। इसके साथ ही इस यूनिट से निर्मित शराब को स्थानीय बार में भी विक्रय किया जा सकेगा।
क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में महुआ के पेड़ उपलब्ध हैं। जहां महुआ के फूल का संग्रहण करते हुए आदिवासी परिवार अपने उपयोग के लिए शराब का निर्माण भी करते रहे हैं, जिसका अभी तक वह विक्रय नहीं कर सकते थे। लेकिन इस योजना के तहत महुआ का विक्रय वह कर सकेंगे और इससे उन्हें राशि की प्राप्ति भी होगी। आदिवासी क्षेत्र में जहरीली शराब की भी समस्या देखने को मिलती है, जिसके कारण आधुनिक मशीनों के माध्यम से शराब निर्माण किए जाने से ऐसी समस्या से भी लोगों को निजात मिल सकेगी। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर इसके विक्रय का कार्य भी किया जा सकेगा, जिससे जिले में निर्मित शराब की ब्रांडिंग भी हो सकेगी।
शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। अभी तक बजट प्राप्त न होने से इस पर कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है।
तन्मय वशिष्ठ शर्मा, सीईओ जिला पंचायत अनूपपुर