अनूपपुर-छत्तीसगढ़ की सीमा पर पहुंचा हाथी
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एक बार फिर एक हाथी अपने समूह से अलग होकर विचरण करता हुआ गुरुवार सुबह मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले की सीमा से लगे छत्तीसगढ़ राज्य के मरवाही वन मंडल, वन परिक्षेत्र के शिवनी बीट के जंगल में पहुंचकर विश्राम कर रहा है। इसके एक बार फिर से अनूपपुर जिले में प्रवेश करने की संभावना बन रही है।
यह एक अकेला एक दांत वाला नर हाथी, जो अपने एक और साथी के साथ विगत दिसम्बर, जनवरी और फरवरी महीने में 46 दिन तक अनूपपुर जिले में विचरण करने बाद सात फरवरी 2025 को छत्तीसगढ़ राज्य के मरवाही वन मंडल से कटघोरा वन मंडल में स्थित अपने 50 हाथियों के समूह में मिल कर विचरण कर रहा था। इसमें से एक हाथी जो एक दांत वाला नर हाथी है, विगत 17 मार्च को अकेला विचरण करता हुआ कटघोरा वन मंडल के पसान वन परिक्षेत्र में विचरण करता हुआ, मरवाही वन मंडल में प्रवेश कर निरंतर विचरण कर रहा था। जो 19 मार्च को एक बार फिर मरवाही वन परिक्षेत्र के घुसरिया के जंगल में बुधवार को दूसरे दिन विश्राम करने बाद देर रात विचरण करता हुआ चार घरों में तोड़फोड़ कर तीन किसानों के खेतों में लगी फसलों को अपना आहार बनाते हुए 20 मार्च की सुबह मरवाही वन परिक्षेत्र के शिवनी बीट के ग्राम घिनौची, डड़िया के जंगल कक्ष क्रमांक 2039 में पहुंचकर पहाड़ में विश्राम कर रहा है।
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यह मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के जैतहरी तहसील, थाना और वन परिक्षेत्र के ग्राम पंचायत एवं बीट चोलना की सीमा से तीन से चार किलोमीटर दूर पर स्थित है। यही रास्ता विगत कई वर्षों से हाथियों के आने एवं जाने का होने के कारण फिर से आने की संभावना व्यक्त किया जा रहा है कि गुरुवार रात एक बार फिर से अनूपपुर जिले में प्रवेश कर विचरण करेगा।
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लगभग 41 दिन बाद फिर से हाथी के आने की सम्भावना से जैतहरी एवं अनूपपुर तहसील, थाना एवं वन परिक्षेत्र के ग्रामीण परेशान हो सकते हैं। वन विभाग के द्वारा हाथी के आने की संभावना को देखते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश एवं सतर्कता बरतते हुए तैयारी में लगा हुआ है। वहीं, प्रभावित ग्राम पंचायतों को भी ग्रामीणों को सतर्क एवं सचेत करने हेतु कहा गया है।