कोतमा न्यायालय में पदस्थ न्यायाधीश अमनदीप सिंह छाबड़ा के निवास पर बदमाशों ने पत्थरबाजी कर जान से मारने की धमकी, गेट लैंप एवं एंगल को तोड़फोड़ सहित न्यायालय की गरिमा के विपरीत टिप्पणी के मामले की सुनवाई करते हुए जमानत को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने खारिज कर दिया है।
अपर लोक अभियोजक संतोष सोनी ने बताया कि 25 अक्टूबर को रात को न्यायाधीश अमनदीप सिंह के आवास पर तोड़फोड़ गाली गलौज और धमकी के गंभीर मामले में आरोपी प्रियांशु सिंह पिता मनोज सिंह 25 वर्ष, संतोष रजक पिता दिलराज रजक 32 वर्ष एवं संदीप चौरसिया पिता पुतानी चौरसिया 31 वर्ष सभी निवासी भालूमाडा के खिलाफ थाने में अपराध पंजीबद्ध कर गिरफ्तार किया गया था। आरोपी प्रियांशु सिंह के खिलाफ आधे दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं। न्यायालय ने आरोपियों के न्यायधीश आवास पर आधी रात किए गए पत्थरबाजी, जान से मारने की धमकी देने की घटना को अत्यंत गंभीर एवं न्यायपालिका की सुरक्षा पर संकट माना है।