ग्वालियर/डेस्क। पेन कार्ड बनवाने का झांसा देकर छात्रा से दस्तावेज हासिल करने के बाद शातिर युवक ने उसी छात्रा के साथ शादी का फर्जी सर्टिफिकेट बनवा लिया। दो साल तक न तो इसके बारे में छात्रा को मालूम था, न ही परिजनों को पता चला। हद तो तब हुई, जब उस युवक ने कुछ दिनों पहले ही छात्रा के परिजनों को फोन कर शादी बताई और सबूत में सर्टीफिकेट बताया।
घबराए परिजनों ने थाने पहुंचकर पुलिस को मामला बताया। पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर मामले का भंडाफोड किया। मामले की शुरूआत दो साल पहले हुई थी। शिन्दे की छावनी में रहने वाले भारत बाथम का पड़ोस में रहने वाले श्रीवास्तव परिवार के यहां आना-जाना था। श्रीवास्तव परिवार को विश्वास में लेकर भारत ने उनकी बेटी, जो केआरजी कॉलेज में बीकॉम की छात्रा है, उससे उसका पेन कार्ड बनवाने की बात कहकर मार्कशीट और फोटो मांगे। चूंकि छात्रा को पेन कार्ड की जरूरत थी, इसलिए उसने भारत को अपनी मार्कशीट और फोटो दे दिए। छात्रा को विश्वास में लेकर भारत ने एक बार उसे पड़ाव थाने के पास कागजातों पर हस्ताक्षर करने के लिए बुलवाया। कई बार छात्र ने भारत से पेन कार्ड देने की बात कही, लेकिन हर बात वह कोई न कोई बहाना कर पेन कार्ड की बात को टालता रहा। समय बीतता गया और बात आई-गई हो गई। गुरूवार को भारत ने श्रीवास्तव परिवार के यहां फोन कर कहा कि उसने उनकी बेटी से आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली है, जिसका सर्टिफिकेट उसके पास है। भारत की बात सुन श्रीवास्तव परिवार घबरा गया। उन्होंने छात्रा से पूछा, लेकिन ऐसी कोई बात नहीं थी। बाद में श्रीवास्तव परिवार इंदरगंज थाने पहुंचा और टीआई को सारा मामला बताया। टीआई ने भारत को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो सच्चई सामने आ गई। सर्टिफिकेट फर्जी निकला। पुलिस ने भारत बाथम, राकेश, गोविंद वर्मा, बंटी शर्मा, निरंजन सिंह के विरुद्ध धारा 420, 120 बी, 506 और 507 के तहत केस दर्ज कर लिया है।