लखनऊ। चिन्मय मिशन के स्वामी मित्रानंद ने बृहस्पतिवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के अंग्रेजी एवं आधुनिक यूरोपीय भाषा विभाग में एमए और पीएचडी के शोधार्थियों के साथ युवाओं की क्षमता का सदुपयोग विषय पर संवाद किया। यह आयोजन अमृत यात्रा महोत्सव के अंतर्गत चिन्मय मिशन की पहल पर हुआ। स्वामी मित्रानंद ने बताया कि यह विभाग चिन्मय मिशन के संस्थापक स्वामी चिन्मयानंद का पूर्व अध्ययन स्थल रहा है। स्वामी चिन्मयानंद ने इसी विभाग में अंग्रेजी एवं आधुनिक यूरोपीय भाषाओं का अध्ययन किया था। संवाद के दौरान स्वामी मित्रानंद ने युवाओं की ऊर्जा, बौद्धिक क्षमता और सृजनात्मकता को सकारात्मक दिशा देने पर बल दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी अंतर्निहित क्षमताओं को पहचानने के लिए प्रेरित किया। कहा कि युवा शक्ति का सही मार्गदर्शन सामाजिक और राष्ट्रीय परिवर्तन में अहम भूमिका निभा सकता है। स्वामी मित्रानंद के साथ ब्रह्मचारी सुधीर, ब्रह्मचारिणी तारिणी की भी मौजूदगी रही। विभागाध्यक्ष नाजनीन खान ने सभी का स्वागत किया।