मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना में दोबारा भड़की सांप्रदायिक हिंसा में पीएसी जवानों की भूमिका सवालों के घेरे में है।
जिस गांव के युवक मारे गए वहां के लोगों का आरोप है कि युवकों की मौत पीएसी जवानों की गोलियों से हुई है।
हालांकि आईजी क्राइम आशीष गुप्ता ने इन आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा है कि ऐसा कुछ नहीं है। अगर ऐसी कोई बात सामने आती है तो उसकी जांच कराई जाएगी।
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दरअसल बुढ़ाना के भौराकलां स्थित मोहम्मदपुर राय सिंह में रिटायर फौजी पर हमले के बाद हिंसा भड़क गई थी।
भिड़ंत के दौरान मोहम्मदपुर राय सिंह के लोगों द्वारा की गई फायरिंग में हुसैनपुर कलां गांव के तीन युवकों की मौत हो गई थी।
इस पर हुसैनपुर कलां के लोगों ने आरोप लगाया कि गांव वालों के साथ पीएसी जवानों ने भी फायरिंग की थी। युवकों की मौत पीएसी जवानों की गोलियों से हुई।
ये चर्चा उठने के बाद पीएसी जवानों के प्रति रोष बढ़ने लगा। शुक्रवार को आईजी क्राइम आशीष गुप्ता ने मीडिया को बताया कि ऐसा कोई आरोप अभी सामने नहीं आया है।
किसी ने भी शिकायत नहीं की है। एफआईआर में जिन लोगों को नामजद किया गया है, उनकी तलाश की जा रही है।
गुरुवार रात एसएसपी मुजफ्फरनगर ने करीब सौ पुलिसकर्मियों के साथ आरोपियों के यहां दबिश दी थी। जहां पुलिस टीम पर पथराव कर दिया गया।
अंधेरा होने के कारण पुलिस ढंग से एक्शन नहीं ले पाई और टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा। अब दोबारा दबिश दी जाएगी।
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