लखनऊ। सुनने की क्षमता खोने वाले युवा भी अब कॉक्लियर इंप्लांट करा सकते हैं। इससे वह सामान्य रूप से सुन सकते हैं। पीजीआई में 50 युवाओं में कॉक्लियर इंप्लांट लगाए गए हैं, जिन्हें इंप्लांट लगे उनकी आयु 18-45 साल थी। जांच की गई तो 48 युवाओं में सुनने की क्षमता 95 प्रतिशत थी, जबकि दो 60 फीसद तक सुनने में सक्षम थे। कॉक्लियर इंप्लांट करने वाले संजय गांधी पीजीआई के न्यूरो ऑटोलॉजी विभाग के डॉ. अमित केसरी ने बताया कि अभी तक कॉक्लियर इंप्लांट केवल सात साल के बच्चों में ही लगाए जाते थे।