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मुझे मरने पर मजबूर होना पड़ रहा है: नोट में लिखा प्रेमिका ने जाल में फंसाया...सगाई के 5 दिन बाद युवक ने दी जान

Sun, 05 Feb 2023 12:42 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

लखनऊ में एक युवक ने गर्लफ्रेंड और उसके दोस्तों की ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर जान दे दी है। युवक ने सुसाइड नोट में लिखा है कि दुष्कर्म के फर्जी केस में जेल भिजवाने की धमकी देकर रकम वसूलते थे। युवक की पांच दिन पहले ही सगाई हुई थी।
 
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मृतक का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लखनऊ के मोहनलालगंज कस्बे के उत्तरगांव के एक बाग में शनिवार सुबह युवक दिलीप कुमार (24) ने फांसी लगा ली। पुलिस ने जब उसके कपड़ों की तलाशी ली तो सुसाइड नोट बरामद हुआ।
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खुलासा हुआ कि युवक ने अपनी गर्लफ्रेंड व उसके दोस्तों की ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर जान दी है। दुष्कर्म के फर्जी केस में जेल भिजवाने की धमकी देकर रकम वसूलते थे। युवक की पांच दिन पहले ही सगाई हुई थी।

इंस्पेक्टर कुलदीप दूबे के मुताबिक, बिजनौर के शिवगुलामखेड़ा गांव निवासी दिलीप के पिता भंडारी लाल की तहरीर पर गर्लफ्रेंड सोनम व उसके साथियाें के विरुद्ध ब्लैकमेल करने, धमकाने व आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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भंडारी लाल ने बताया कि बड़ा बेटा दिलीप कुमार बढ़ई था। शनिवार सुबह दिलीप सरोजनीनगर में काम पर जाने की बात कहकर निकला था। कुछ ही देर बाद उसका शव मोहनलालगंज के उत्तरगांव के पास आम के बाग में फंदे से लटकता मिला। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची।

मृतक की पैंट की जेब में मोबाइल, पर्स व पिछली जेब में एक सुसाइड नोट मिला। इंस्पेक्टर ने बताया कि सुसाइड नोट के आधार पर जांच की जा रही है। 

‘मुझे मरने पर मजबूर होना पड़ रहा है’
बरामद सुसाइड नोट में दिलीप ने लिखा है कि गर्लफ्रेंड ने मुझे जाल में फंसाया। उसकी तीन सहेलियां व तीन अन्य पुरुष दोस्तों ने मुझे ब्लैकमेल करना शुरू किया। पांच महीने से मुझसे रकम वसूल रहे हैं। धमकी दे रहे हैं कि शादी नहीं करने देंगे। दुष्कर्म का केस दर्ज करवाकर जेल भिजवाएंगे। लगातार रकम की मांग कर रहे हैं। इन सभी ने गैंग बना रखा है। तमाम लोगों को इसी तरह से अपने जाल में फंसाकर रकम वसूलने का खेल करते हैं। मैं त्रस्त हो चुका हूं। मुझे मरने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
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मातम में बदला माहौल
छोटे भाई अंकित ने बताया कि दिलीप की शादी तय हो गई थी। बीते सोमवार को सगाई हुई थी। 20 फरवरी को तिलक था। इसकी तैयारी में पूरा परिवार जुटा था, पर हादसे से खुशियां मातम में बदल गईं। पिता भंडारी लाल व मां सुभाषिनी, भाई संदीप व अंकित और बहन मौके पर पहुंची तो कोहराम मच गया।
 
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