लखनऊ। कोर्ट में पेशी से घर लौटे युवक ने शनिवार शाम फांसी लगाकर जान दे दी। आरोप है कि पत्नी और ससुराल वालों की प्रताड़ना से परेशान होकर उसने आत्महत्या की है। सुसाइड नोट कब्जे में लेकर पुलिस जांच कर रही है।
मूल रूप से हरदोई के पाली निवासी राममिलन (33) पारा की नई कांशीराम कॉलोनी में रहकर मजदूरी करते थे। छह साल पहले उनका विवाह रूपरानी से हुआ था। चार माह पहले पत्नी ने गुजारा भत्ता के लिए न्यायालय में वाद दायर किया था। शनिवार को हरदोई के न्यायालय में पेशी के बाद शाम को राममिलन पारा स्थित घर लौटे और फांसी लगा ली। कुछ देर बाद मां कमला देवी काम से लौटीं तो बेटे का शव फंदे से लटका मिला। राममिलन के परिवार में पत्नी के अलावा चार साल का बेटा अर्णव और ढाई साल की बेटी आकृति है।
अगर पत्नी व उसके घरवाले आते हैं तो मेरा चेहरा तक न दिखाया जाए। मेरी लाश को हाथ न लगाने दिया जाए। अगर मेरा बेटा दिया जाए तो उसी से मेरा दाह संस्कार कराया जाए। मेरी पत्नी, उसके जीजा व ससुराल के अन्य लोग मेरी मौत के जिम्मेदार हैं। चार पन्नों के सुसाइड नोट में राममिलन ने कुछ इस तरह की बातें लिखी हैं। अंत में अपने मोबाइल का पासवर्ड भी लिखा।
पुलिस को छानबीन के दौरान सुसाइड नोट मिला। आरोप है कि पुलिस ने सुसाइड नोट छिपाने का प्रयास किया मगर पड़ोसियों की नजर पड़ गई तो परिजनों को दिखाना पड़ा। पारा इंस्पेक्टर बृजेश वर्मा ने बताया कि सुसाइड नोट मिला है। परिजनों से तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।