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संपत्ति खोने के डर से महिला ने बेटे से कराया था पति की प्रेमिका का कत्ल

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लखनऊ। मड़ियांव में शुक्रवार सुबह अनीता की हत्या के मामले में पुलिस ने पड़ोस में रहने वाले प्रेमी खुशीराम की पत्नी रेखा और उसके बेटे आकाश को गिरफ्तार किया है। डीसीपी उत्तरी शालिनी ने बताया कि रेखा और खुशीराम करीब छह साल से अलग रह रहे थे। रेखा को शक था कि उसका पति अपनी खेती की जमीन व अन्य संपत्तियां प्रेमिका अनीता के नाम कर देगा। इसी वजह से उसने अनीता को रास्ते से हटाने की साजिश रची और बेटे आकाश के जरिए उसकी हत्या करा दी। वारदात में खुशीराम और आकाश के खिलाफ केस दर्ज किया गया था, लेकिन खुशीराम हत्या में शामिल नहीं था। उसे अपने बेटे को बचाने और साक्ष्य छिपाने का अपराध किया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए टीमें दबिश दे रही हैं। डीसीपी ने बताया कि मूलरूप से उन्नाव निवासी व यहां धतिंगरा गांव में रहने वाली अनीता पति राजू से अलग रह रही थी। करीब छह साल से उसका पड़ोसी खुशीराम से प्रेम प्रसंग चल रहा था। खुशीराम भी अपनी पत्नी रेखा से अलग रह रहा था। शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे अनीता के घर के दरवाजे पर ही सिर पर बांका मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में खुशीराम और उसके बेटे आकाश के खिलाफ केस दर्ज किया गया था और दोनों ही भागे हुए थे। मड़ियांव इंस्पेक्टर विपिन कुमार सिंह ने बताया कि आसपास के लोगों से पूछताछ में पता चला कि मौके से सिर्फ आकाश को ही भागते हुए देखा गया था। पुलिस ने खुशीराम और आकाश के मोबाइल फोन की डिटेल निकलवाई तो असली कहानी सामने आई। पता चला कि अनीता की हत्या के पीछे खुशीराम की पत्नी व सरोजनीनगर में रहने वाली रेखा का हाथ था। उसने अनीता की हत्या की साजिश रची और अपने बेटे आकाश से वारदात को अंजाम दिलाया। पुलिस ने रेखा और आकाश को पकड़कर पूछताछ की तो दोनों ने सच्चाई कुबूल कर ली। रेखा ने बताया कि खुशीराम के पास खेती की काफी जमीन और अन्य संपत्तियां थीं। उसे डर था कि कहीं वह अपनी सारी जमीनें व संपत्तियां अनीता के नाम न कर दे। इसके चलते बेटे आकाश से अनीता को मारने के लिए कहा। एडीसीपी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि आकाश की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल बांका बरामद कर लिया गया है। रेखा ने सुबह छह से आठ बजे तक बेटे से लगातार फोन पर की थी बात इंस्पेक्टर विपिन कुमार सिंह ने बताया कि वारदात वाली सुबह रेखा ने सुबह करीब छह से आठ बजे तक बेटे आकाश से कई बार बातचीत की। उसने बेटे को वारदात का पूरा तरीका बताया। इसके बाद करीब नौ बजे आकाश ने अनीता के घर जाकर उसके सिर पर बांके से वार किया और भाग निकला। खुशीराम को नहीं थी वारदात की जानकारी खुशीराम को वारदात के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। रेखा और आकाश ने पूछताछ में यही बताया है। रेखा ने कहा कि पति अनीता के प्यार में पागल था। अगर उसे जरा भी अंदाजा होता कि वह अनीता को रास्ते से हटाने की सोच रही है तो खुशीराम उसके इरादों में आड़े आ जाता। वारदात के बाद जब आकाश पिता के घर पहुंचा तब उसे पता चला। इसके बाद उसने बेटे को बचाने के लिए उसे छिपाने और साक्ष्य मिटाने में मदद की। खुशीराम ने बेटे से पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेकर उसे मां के पास सरोजनीनगर भेज दिया।
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