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Women Empowerment : 18 महीने में 1.35 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति की मालकिन बनीं यूपी की महिलाएं, यह है वजह

Sat, 24 Jun 2023 03:25 PM IST
दुष्यंत शर्मा अभिषेक गुप्ता, लखनऊ

सार

रजिस्ट्री शुल्क और टैक्स में छूट ने महिलाओं की जिंदगी पर बड़ा असर डाला है। डेढ़ साल में लगभग 1.35 लाख करोड़ रुपये की जमीन, फ्लैट, घर, खेत व दुकान पर महिलाओं का मालिकाना हक हुआ है।
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश में महिलाएं आर्थिक रूप से ज्यादा सशक्त हो रही हैं। रजिस्ट्री शुल्क और टैक्स में छूट ने महिलाओं की जिंदगी पर बड़ा असर डाला है। डेढ़ साल में लगभग 1.35 लाख करोड़ रुपये की जमीन, फ्लैट, घर, खेत व दुकान पर महिलाओं का मालिकाना हक हुआ है।

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उत्तर प्रदेश में गिफ्ट डीड और महिलाओं के नाम रजिस्ट्री में आंशिक छूट का ही परिणाम है कि संपत्ति में उनकी हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। पिछले वर्ष 2022 में करीब 10.29 लाख प्रापर्टी की रजिस्ट्री महिलाओं के नाम की गई। इतनी संपत्तियों की सरकारी कीमत ही 92 हजार करोड़ रुपये है, जिस पर सरकार को करीब 5728 करोड़ रुपये का राजस्व भी मिला।

वर्ष 2021 में लगभग 10.22 लाख संपत्तियां महिलाओं के नाम की गई थीं जिनकी कीमत लगभग 87 हजार करोड़ रुपये थी। तब भी सरकार को 5453 करोड़ रुपये का राजस्व स्टांप के रूप में मिला था। इस साल अभी तक करीब 4.67 लाख रजिस्ट्री महिलाओं के नाम हो चुकी हैं, जिनकी कीमत 43 हजार करोड़ रुपये है। यानी पिछले डेढ़ साल में 1.35 लाख करोड़ और ढाई साल में 2.22 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति महिलाओं के नाम हो चुकी है। साफ है कि संपत्ति में महिलाओं का ग्राफ लगतार बढ़ रहा है। विभाग का मानना है कि इस साल ये नया रिकार्ड बनाएगा।
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पुरुष भी पीछे नहीं
वर्ष 2021 से जून 2023 तक जहां 25 लाख प्रापर्टी महिलाओं के नाम हुई तो इसी अवधि में लगभग 83 लाख संपत्तियों की रजिस्ट्री पुरुषों के नाम की गई। प्रापर्टी के लिहाज से सबसे सुनहरा दौर वर्ष 2022 का रहा, जब प्रदेश सरकार ने गिफ्ट डीड को ट्रायल के रूप में पेश किया। रक्त संबंध में केवल पांच हजार रुपये में प्रापर्टी की रजिस्ट्री का असर ये पड़ा कि वर्ष 2021 की तुलना में छह लाख से ज्यादा रजिस्ट्री पुरुषों के नाम हुईं।

संपत्ति में महिलाओं का मालिकाना हक बढ़ा है। प्रदेश में महिलाओं के सशक्तिकारण को लेकर सरकार के गंभीर प्रयासों का ये सकारात्मक परिणाम है। पिछले तीन साल में महिलाओं के नाम करीब 25 लाख रजिस्ट्री हुई हैं, जिससे राज्य सरकार को स्टांप के रूप में लगभग 14 हजार करोड़ रुपये की आय हुई है।
-रवीन्द्र जायसवाल, स्टांप,शुल्क व पंजीकरण मंत्री

संपत्ति पर महिलाओं के मालिकाना हक बढ़ने के कारण...

  • गिफ्ट डीड का बड़ा असर पड़ा। महिलाओं के नाम महज पांच हजार रुपये में संपत्ति की गई। खासतौर पर परिवार या पैतृक संपत्ति में उन्हें हक मिला
  • छोटी प्रापर्टी, जिसमें रजिस्ट्री शुल्क कम है, उनमें महिलाओं के नाम पंजीकरण में 10 हजार की छूट का असर
  • मां-पत्नी-बेटी-बहन के नाम प्रापर्टी लेकर किराये पर उठा दी। इससे किराये की आय उनके खाते में जुड़ी और आयकर छूट का लाभ मिला
  • कोरोना काल के बाद प्रदेश में कामकाजी महिलाओं की संख्या बढ़ी है। उनकी आय होने से इनकम टैक्स रिटर्न भरने का रास्ता खुला। इसी के साथ होम लोन की पात्र हो गईं और संपत्ति खरीद कर आत्मनिर्भर हो गईं
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