ऊंचाहार (रायबरेली)। निजी क्लीनिक में महिला झोलाछाप डॉक्टर ने एक महिला का गर्भपात कर दिया। इससे महिला की हालत बिगड़ गई। इस पर महिला झोलाछाप का पति एवं क्लीनिक संचालक पीड़ित महिला का दूसरे अस्पताल में इलाज कराने के बहाने उसे ई-रिक्शा पर बैठाकर वहां से निकला। कुछ दूर जाने के बाद महिला को बीच रास्ते में छोड़कर फरार हो गया। घर वालों ने महिला को सीएचसी पहुंचाया, जहां उसकी मौत हो गई। शिकायत पर पुलिस घटना की जांच कर रही है।
ऊंचाहार क्षेत्र के डेलौली गांव निवासी शिवकेश की पत्नी मंजू (40) के गर्भ में लगभग पांच माह का बच्चा पल रहा था। शनिवार सुबह उसके पेट में दर्द होने पति ने बहेरवा स्थिति एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया था। आरोप है कि झोलाछाप महिला डॉक्टर ने उसके पेट में बच्चे की मौत होने की बात कही और साढ़े छह हजार रुपये लेकर उसका गर्भपात कर दिया।
देर शाम उसकी हालत बिगड़ गई। इस पर क्लीनिक संचालक ने महिला का दूसरे अस्पताल में इलाज कराने की बात कहकर ई-रिक्शा मंगाया और उसे बिठाया और सेमरी रनापुर तिराहे के पास छोड़कर भाग निकला। परिजन मंजू को घर लाए और एंबुलेंस की मदद से उसे इलाज के लिए सीएचसी पहुंचाया, डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पति ने डॉक्टर की लापरवाही से पत्नी की मौत होने का आरोप लगाया है। सूचना के बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. मनोज कुमार शुक्ला ने बताया कि घटना की जानकारी हुई है। क्लीनिक संचालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सीओ अरुण कुमार नौहवार ने बताया कि सूचना पर शव पोस्टमार्टम को भेजा गया है। तहरीर मिलने पर मामला दर्ज किया जाएगा।
क्लीनिक बंद कर पत्नी संग भागा संचालक
घटना के बाद अवैध क्लीनिक संचालक ने तेजी दिखाई और क्लीनिक बंद कर अपनी झोलाछाप पत्नी के साथ भाग निकला। क्लीनिक के सामने लगा बोर्ड भी रात में ही गायब हो गया। आसपास के लोगों की माने क्लीनिक में प्रतिदिन गर्भपात कराया जाता था। क्लीनिक स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का संरक्षण में चल रहा था। पीडि़त परिवार का कहना है कि प्रकरण में कार्रवाई नहीं होती है तो धरना दिया जाएगा।