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बीएसएसी के छात्र को कमरा किराए पर दे प्यार में फंसाया फिर करवा दी पति की हत्या

Wed, 10 May 2017 05:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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चंद्रप्रकाश और सुमन
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लखनऊ के सरोजनीनगर में पति को शराब की लत व शादी के 16 साल बाद भी संतान न होने से खफा महिला ने बीएससी के एक छात्र को कमरा किराए पर देकर प्रेमजाल में फंसाया। उसके साथ ब्याह रचाकर सारी संपत्ति नाम करने का वादा किया। 
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उसके जरिये भाड़े के हत्यारे बुलाए और पति की हत्या कराकर बंथरा इलाके में शव रेलवे ट्रैक पर फिंकवा दिया। बंथरा पुलिस ने मंगलवार को महिला व किराएदार को गिरफ्तार करके हत्याकांड का खुलासा किया है। 

एएसपी सिटी पूर्वी शिवराम यादव ने बताया कि 15 अप्रैल को बंथरा के गांव लोनहा में रेलवे ट्रैक पर एक युवक का शव मिला था। कुछ समय बाद सरोजनीनगर के गांव गौरीबाजार निवासी सुभाष ने शव की शिनाख्त अपने भाई अर्जुन (33) के रूप में की। हादसे की आशंका जताई गई थी। 
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पोस्टमॉर्टम में हत्या की पुष्टि होने पर पुलिस ने इलेक्ट्रानिक सर्विलांस से तहकीकात की गई। अर्जुन की पत्नी सुमन और किराएदार चंद्रप्रकाश पासी संदेह के घेरे में आए। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई। 

तीन-चार महीने पहले ही म‌िला था क‌िराएदार

डेमो प‌िक
सुमन ने कुबूला कि 16 साल पहले उसकी शादी हुई थी। अर्जुन को शराब की लत थी। वह शराब के लिए पैसे न देने पर पीटता था। तन से गहने उतार ले जाकर बेच डाले। 

तीन-चार महीने पहले उन्नाव के पुरवा थाने के गांव सैदपुर निवासी चंद्रप्रकाश ने कमरा किराए पर लिया था। कानपुर विश्वविद्यालय से बीएससी की पढ़ाई कर रहे चंद्रप्रकाश से नजदीकी बनाई। 

उसे बताया कि शादी के 16 साल बाद भी संतान न होने से परेशान है। प्रेमजाल में फंसाने के बाद उसे अर्जुन के बारे में भड़काना शुरू किया। इस बीच अर्जुन को चंद्रप्रकाश से उसके संबंधों की भनक लग गई। 

दोनों में तनातनी बढ़ते देख सुमन ने चंद्रप्रकाश को भाड़े के हत्यारों से अर्जुन का कत्ल कराने की सलाह दी। कहा कि 50 हजार रुपये खर्च कर सकती है। 
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ऐसे दिया हत्या को अंजाम

डेमो प‌िक
हत्याकांड की तफ्तीश कर रहे इंस्पेक्टर चंद्रभान सिंह ने बताया कि सुमन का मायका भी पुरवा थाने के गांव बछरौली में है। इसके चलते चंद्रप्रकाश से आसानी से नजदीकी बनाई। चंद्रप्रकाश ने अपने गांव के निर्मल पासी को 50 हजार रुपये में अर्जुन की हत्या के लिए राजी किया। 

सुमन से दस हजार रुपये एडवांस लेकर सात हजार निर्मल को दिए। साजिश के तहत निर्मल अपने एक साथी को लेकर 14 अप्रैल को चंद्रप्रकाश से मिलने के बहाने पहुंचा। 

घर में मौजूद अर्जुन से बातचीत की और शराब पिलाने के बहाने उसे गांव लोनहा की तरफ ले गया। वहां हत्या करके शव रेलवे ट्रैक पर फेंका और फरार हो गए। निर्मल की तलाश में उसके ठिकानों पर दबिश दी गई है। 
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