पंजाब से आ रही जम्मूतवी एक्सप्रेस की एक बोगी शुक्रवार सुबह लेबर रूम में तब्दील हो गई। चलती ट्रेन में ही महिलाओं ने डॉक्टर की जिम्मेदारी संभाली और दो घंटे के भीतर ही दो नन्हीं जान ने इस दुनिया में जन्म लिया। गर्भ में जुड़वा बच्चे होने की खबर से अनजान महिला बेहद खुश है। प्रसूता और नवजात बच्चियों को जिला महिला अस्पताल फैजाबाद में भर्ती कराया गया है।
फैजाबाद के बीकापुर की रहने वाली रमापति पत्नी राकेश पंजाब से जम्मूतवी एक्प्रेस में सवार होकर अपने घर लौट रही थी। रमापति के साथ उसकी मां और ननद थीं। रमापति की मां ने बताया कि ट्रेन जब तड़के चार बजे के करीब लखनऊ पहुंची तो रमापति को प्रसव पीड़ा शुरू हुई।
ट्रेन में सवार पुरुष यात्री दूसरी बोगी में शिफ्ट हो गए जबकि अन्य महिला यात्री मदद के लिए आगे आ गईं। एक घंटे बाद पांच बजे रमापति ने बेटी को जन्म दिया। इसके बाद भी रमापति को दर्द बना रहा तो सभी घबरा गए लेकिन छह बजकर पांच मिनट पर रमापति ने फिर एक बच्ची को जन्म दिया। ट्रेन में जुड़वा बेटियों के जन्म से सभी यात्री भी खुश हो गए। तत्काल रेलवे स्टाफ को खबर की गई।
ट्रेन जब फैजाबाद पहुंची तो वहां पहले से ही प्लेटफॉर्म पर एंबुलेंस खड़ी थी। प्रसूता और नवजातों को तत्काल एंबुलेंस से जिला महिला अस्पताल भेजा गया, जहां तीनों स्वस्थ हैं।
रमापति ने बताया कि उसकी पहले से भी दो बेटियां हैं। दो और लक्ष्मियों के आने से वह खुश है। उसने बताया कि उसे पेट में जुड़वा बच्चे होने की जानकारी नहीं थी।