-रायबरेली में ऊंचाहार कस्बा में बेटे की घर से जाती अर्थी को देखकर रोती मां संगीता व बहन।
रायबरेली। सराफा व्यवसायी शोभित कौशल का शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। तीन दिन बाद बेटे को सफेद कफन में लिपटा देख मां संगीता बेसुध हो गईं। उनका कलेेजा कांप गया, आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। संगीता नियति को दुहाई देकर रो रही थीं। मां ने बेटे के शव पर फूल चढ़ाए तो बेटे के जन्म की याद आंखों में तैरने लगी और एक मां की करुण चीत्कार ने हर किसी को झकझोर दिया।
बेटे शोभित के शव के आगे बेबस संगीता बोलीं की लाड-प्यार से पाला-पोषा था। मेरे-बेटे ने किसी का क्या बिगाड़ा था जो उसकी हत्या कर दी। सामान लेना था तो ले लेते, लेकिन उसकी जान तो बख्श देते। पिता राकेश ने सुबकते हुए कहा कि बेटा किसी से झगड़ा भी नहीं करता था। उसने व्यवसाय शुरू किया तो लगा अब कोई परेशानी नहीं रहेगी। लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था।
वहीं, बड़े भाई आदित्य व छोटे देवा, बहन कुमुद व वैष्णवी के चेहरे पर भाई को खोने का गम साफ झलक रहा था। बीते 48 घंटे से अधिक समय से खाना पानी छोड़ सिर्फ भाई की झलक पाने के लिए सभी रोते रहे।
पुलिस पर फूटा भाई का गुस्सा
मृतक के भाई आदित्य नेे पुलिस को आड़े हाथ लिया। पुलिसकर्मी शव के अंतिम संस्कार की बात करनेे लगे तो आदित्य का गुस्सा खुलकर सामने आ गया। कहा कि अब बहुत जल्दी है, इतनी जल्दी भाई को ढूंढ़नेे में की होती तो यह दिन न देखना पड़ता। तुम लोगों की वजह से मेरा भाई मारा गया।