लखनऊ। फाइनेंस कराई गई स्कूटी व मोबाइल फोन की किस्त नहीं अदा कर पा रहे जोमैटो के एक डिलीवरी मैन ने बृहस्पतिवार को निशातगंज स्थित घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। पत्नी के मुताबिक फाइनेंस कंपनी के एजेंट लगातार फोन कर तगादा कर रहे थे। इसी वजह से दहशत व तनाव में उसने जान दे दी।
मूल रूप से कोलकाता निवासी रवि घोष (29) ने चार साल पहले गोरखपुर की रहने वाले रेनू साहनी से प्रेम विवाह किया था। वह दोनों अपने बेटे अजय के साथ निशातगंज में किराए के मकान में रहते थे। रवि जोमैटो में डिलीवरी मैन थे। रेनू एक होटल में हाउस कीपिंग का काम करती हैं।
बृहस्पतिवार सुबह रेनू बेटे को लेकर काम पर चली गईं। देर शाम जब वह घर लौटीं तो कमरे का दरवाजा खुला था। भीतर गईं तो पति रवि फांसी के फंदे पर लटके मिले। पड़ोसियों की मदद से उन्हें फंदे से उतारकर सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि रवि की मौत काफी देर पहले हो चुकी है। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया।
रेनू ने पुलिस को बताया कि दोपहर करीब तीन बजे उन्होंने रवि को फोन किया मगर कॉल रिसीव नहीं हुईं। इससे वह चिंतित थीं। कुछ घंटे बाद जब वह घर पहुंचीं तो रवि फंदे पर लटके मिले। ऐसे में आशंका है कि दोपहर में ही रवि ने फांसी लगा ली थी।
रेनू के मुताबिक रवि ने एक लाख 20 हजार रुपये की इलेक्टि्रक स्कूटी फाइनेंस कराई थी। बाद में एक फोन भी फाइनेंस कराया था। आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से रेनू ने अपने कानों की बाली बेचकर कुछ किस्तें चुकाई थीं। फिर दो महीने से किस्त नहीं चुका पा रहे थे। फाइनेंस कंपनी के एजेंट लगातार फोन कर रहे थे। इससे रवि दहशत व तनाव में थे। हालांकि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।