लखनऊ में काकोरी के नकटौरा गांव निवासी दिलीप यादव (38) की हत्या का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। इस मामले में तीन हत्यारोपी गिरफ्तार किये गये हैं। जिनमें दिलीप का एक करीबी दोस्त नफीस शामिल है। पुलिस के मुताबिक नफीस ने दिलीप से एक लाख रुपये उधार लिये थे। 30 हजार वापस कर दिया था। 70 हजार देने थे। दिलीप इसके लिए दबाव बना रहा था। रुपये वापस न देने पड़े इसके लिए उसने साजिश रचकर दो अन्य दोस्तों के साथ मिलकर दिलीप को 11 अगस्त की रात को बुलाया। उसके साथ कार से घुमने निकले। रास्ते में सभी ने शराब पी। इसके बाद कार में ही घूमने के दौरान मौका देखकर दिलीप का गला घोंटकर हत्या कर दी। उसे बड़ागांव के नहर में फेंक दी। पुलिस ने तीनों आरोपियों की निशान देही पर कार व मृतक की बाइक और गमछा जिससे गला घोंटा गया बरामद कर ली है।
एडीसीपी दक्षिणी मनीषा सिंह के मुताबिक काकोरी के नकटौरा गांव निवासी शिवकुमारी ने 14 अगस्त को तहरीर दी। जिसमें कहा कि उनका बेटा दिलीप यादव 11 अगस्त को अपनी बाइक से घर से निकला था। तभी से वापस घर नहीं आया है। काकोरी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। बुधवार को दिलीप का शव बड़ागांव स्थित नहर के किनारे मिला। मां शिवकुमारी ने बुधवार को शव की शिनाख्त करने के बाद तीन लोगों पर हत्या का आरोप लगाया। इसमें नकटौरा गांव का ही रहने वाला नफीस हैदर जो दिलीप का करीबी दोस्त है। इसके अलावा उन्नाव हसनगंज के मटरिया निवासी नियश उर्फरूस्तम उर्फ गुल्ला और असीवन उन्नाव मलहौली का रहने वाला अखिलेश यादव शामिल हैं।
सीसीटीवी फुटेज में नफीस के साथ कार से जाता दिखा था दिलीप
एडीसीपी दक्षिणी मनीषा सिंह के मुताबिक वारदात के खुलासे केलिए लगाई गई टीम ने आसपास के इलाके के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। जिसमें एक फुटेज में दिलीप को नफीस के साथ अखिलेश यादव की कार से जाता देखा गया। वहीं आमिर नाम का युवक दिलीप की बाइक लेकर पीछे से जा रहा था। फुटेज के आधार पर तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया। उनसे पूछताछ की गई। इस पर नफीस ने रुपये के लिए लगातार दबाव बनाने की बात कही। जिससे वह काफी परेशान था। इसी कारण उसने अपने दोस्तों केसाथ मिलकर हत्या कर दी थी। एडीसीपी दक्षिणी मनीषा के मुताबिक इस हत्याकांड में एक और बिंदु सामने आया है। जिसमें मृतक के परिजन आरोप लगा रहे है कि नफीस का दिलीप की पत्नी से संबंध था। इसके बारे में पुलिस अभी पड़ताल कर रही है। मृतक के परिजनों ने बताया कि दिलीप ने अपने हिस्से की 18 बिस्वा जमीन बेची थी। बिकी हुई जमीन का लगभग 65 लाख रुपये दिलीप के पास था जिसमें से उधारी के तौर पर नफीस को भी दिलीप ने रुपये दिए थे।