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कोरोना के कारण गेहूं की खरीद लक्ष्य से आधी

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कोरोना के कारण गेहूं की खरीद लक्ष्य से आधी - केंद्रप्रभारी बोले- बारिश से पहले ही पैदावार कम, अब किसान भी बेचने को राजी नहीं - किसान बोले : घरवालों को खिलाने के लिए रोकी फसल संवाद न्यूज एजेंसी लखनऊ। इस बार राजधानी में गेहूं खरीद लक्ष्य के सापेक्ष आधे से भी कम रह गई है। खरीद की अंतिम तारीख 30 जून बीत चुकी है। किसानों के अरमानों पर पहले तो बेमौसम बरसात ने पानी फेरा, फिर आ गया कोरोना। कोविड का ग्रहण ऐसा लगा है कि वे मुसीबतों से उबर ही नहीं पा रहे हैं। किसान आशंका से घिरे हैं और गेहूं बेचना ही नहीं चाहते हैं। क्रय केंद्रों पर पसरा सन्नाटा भविष्य को लेकर किसानों के डर की कहानी बयां करता है। लॉकडाउन के चलते गेहूं खरीद पर कितना असर है, इसकी पड़ताल करती एक रिपोर्ट। कहां कितना था लक्ष्य, कितनी हुई खरीद मलिहाबाद में 40 फीसदी खरीद, माल भी आधे पर अटका मलिहाबाद में सरकार ने 1400 मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा है। अपर जिला सहकारी अधिकारी व प्रभारी मलिहाबाद केपी निगम का कहना है कि करीब 40 फीसदी ही खरीद हो सकी है। लक्ष्य पूर्ति के लिए किसानों से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने भंडारण की बात कही और कहा कि घर में राशन की कमी न हो, इसलिए हम बेचना नहीं चाहते हैं। वहीं, माल भी आधी खरीद पर अटक गया है। माल के सहायक विकास अधिकारी, सहकारिता अनिरुद्ध कुमार सिंह यादव ने बताया कि 22 हजार क्विंटल खरीद का लक्ष्य था, जिसमें से 11701 क्विंटल खरीद हो सकी। निगोहां और मोहनलालगंज : यहां तो आधा भी नहीं खरीदा जा सका निगोंहा क्रय केंद्र समिति के सचिव नीरज तिवारी के मुताबिक 3000 क्विंटल का लक्ष्य था, अब तक 1067 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है। निगोहां की कहानी कुछ अलग ही है। यहां क्रय केंद्र नहीं हैं, किसानों को गौतमखेड़ा बेचने जाना पड़ता है। मोहनलालगंज में कृषक सेवा क्रय केंद्र मऊ का 7900 मीट्रिक टन का लक्ष्य था, लेकिन आधे से भी कम यानी 2865 मीट्रिक टन ही खरीद हो सकी। बीकेटी और सरोजनीनगर भी पिछड़े बीकेटी तहसील क्षेत्र में पांच गेहूं क्रय केंद्र खोले गए हैं। क्रय केंद्र नगर चौगवा प्रभारी राज कपूर के मुताबिक, 3000 क्विंटल का लक्ष्य था, 1500 क्विंटल खरीद हुई है। इसी तरह से अमानीगंज में 4000 क्विंटल के सापेक्ष 2000 क्विंटल, गांव बरगदी कला केंद्र पर 7000 के सापेक्ष 5000 क्विंटल ही खरीद हुई है। बीकेटी में सीतापुर रोड पर राशन गोदाम में बनाए गए गेहूं क्रय केंद्र में 1000 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया है, अब तक 1500 क्विंटल खरीद हुई। जबकि पहाड़पुर में 3000 क्विंटल का लक्ष्य था जो पूरा हो गया। सरोजनीनगर में पांच गेहूं खरीद केंद्र हैं। नारायणपुर केंद्र के प्रभारी अजय गुप्ता का कहना है कि लक्ष्य से 50 फीसदी ही खरीद हो सकी है। आलम यह है कि नारायणपुर में 1156, लोनहा में 1207, सुहावा क्रय केंद्र में 2400 क्विंटल खरीद हो सकी है। नगराम और काकोरी में भी बुरा हाल नगराम में सात गेहूं क्रय केंद्र हैं, जहां खरीद का लक्ष्य 78000 क्विंटल रखा गया था। 32091 क्विंटल गेहूं ही खरीदा जा सका। काकोरी के एडीओ कोऑपरेटिव अजीत कुमार ने बताया कि तीन क्रय केंद्रों का लक्ष्य 9000 था। 4547 क्विंटल गेहूं ही खरीदा जा सका है। मुजफ्फरनगर पलिया के प्रभारी ईश्वर चंद्र ने बताया कि थोड़ी उपज के कारण किसान इस बार बेचने के इच्छुक नहीं हैं। किसानों की जुबानी जानें, क्यों नहीं बेचा गेहूं हरिहरपुरपटसा के किसान प्रभात द्विवेदी और पूर्व प्रधान राम प्रकाश, महेंद्र यादव, महादेव, सरोजनीनगर बंथरा के किसान शिवकुमार तिवारी, रामकिशोर यादव, मोहनलालगंज के मऊ गांव के लल्लू सिंह और दही गांव के श्रीसंत, नगराम के मितौली निवासी वीरेंद्र वर्मा, मुकुंदखेड़ा के मलखान सिंह और वचनखेड़ा के रमेश वर्मा, पुरवा गांव के किसान संजय सिंह का कहना था कि बेमौसम बरसात के कारण फसल कमजोर हुई। कुछ गेहूं सड़ गया। इसके अलावा पछुआ हवा ने खेतों को सुखा दिया, जिससे गेहूं का दाना कमजोर हो गया। कुल मिलाकर फसल कम हुई। वहीं, कोरोना के कारण बाहर रह रहे लोग वापस आए हैं। घरों में खाने की जरूरत है और लॉकडाउन फिर कब हो जाए कहा नहीं जा सकता है। ऐसे में भंडारण बहुत जरूरी है। घर में गेहूं का दाना रहेगा तो कम से कम पेट तो भरेगा। 50 फीसदी से अधिक लक्ष्य पूरा गेहूं खरीद का तय लक्ष्य 10 हजार मीट्रिक टन था। कोरोना काल के कारण इस बार खरीद के 50 फीसदी से अधिक लक्ष्य को पूरा कर 5100 एमटी की खरीद हुई। कोरोना के कारण किसानों ने सरकारी खरीद के साथ ही खुले बाजार में भी गेहूं की अच्छे दाम पर बिक्री की। - आरडीपांडेय, एडीएमआपूर्ति
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