जिले में तेज हवा के साथ अचानक बुधवार की देर रात करीब साढ़े दस बजे बारिश हुई। इससे फसलों को काफी नुकसान हुआ है। मौसम में आए बदलाव से गर्मी से राहत मिली लेकिन आफत भी रही। शहर के साथ ही ललिया, पचपेड़वा, श्रीदत्तगंज आदि इलाकों में पक चुकीं गेहूं की फसल खेत में गिर गईं हैं। इससे किसानों को नुकसान हुआ है। कुछ क्षेत्रों में पशु शेड टूट गये हैं। फूस के घरों के भी क्षतिग्रस्त होने की संभावना है।
बादलों और हवा संग बदलेगा मौसम का तेवर, आज बूंदाबांदी के आसार
राजधानी में पिछले कई दिनों से चल रही उमस भरी तीखी गर्मी से बृहस्पतिवार को थोड़ी राहत मिलने के आसार हैं। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से बृहस्पतिवार को लखनऊ में बादलों की आवाजाही और पुरवाई संग कहीं-कहीं छिटपुट बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है। इससे तात्कालिक तौर पर पारे में हल्की गिरावट से लोगों को राहत मिलेगी।
बुधवार को दिन के पारे में तो मामूली बढ़त रही, लेकिन पुरवाई की वजह से उमस भरी धूप की दोहरी मार रही। बुधवार को दिन का अधिकतम तापमान 0.4 डिग्री की बढ़त के साथ 38.4 डिग्री दर्ज हुआ। वहीं रात के पारे में एक डिग्री की बढ़त रही और तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ।
प्रतापगढ़, चंदौली, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं व आसपास के इलाकों में।
बिजली गिरने से किसान की मौत हुई।
- फोटो : amar ujala
सीतापुर जिले के बिसवां के मोचखुर्द निवासी हरिश्चंद बृहस्पतिवार सुबह खेत में काम कर रहे थे। अचानक उन पर आकाशीय बिजली गिरी। वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं, सकरन में बारिश के चलते गिरी पक्की दीवार गिरने से महिला की मौत हो गई।
ग्राम पंचायत जनुवा के मजरा मोचखुर्द मे आकाशीय बिजली गिरने से हरिश चंद्र भार्गव (23) की मौत हो गई। हरिश्चंद्र कुल तीन भाई है। मृतक के बड़े भाई की शादी हो चुकी है।हरिश्चंद भार्गव की अभी शादी नही हुई है। हरिश्चंद्र बृहस्पतिवार सुबह खेत मे गन्ना छीलने गए थे। तभी आकाशीय बिजली गिरने से उनकी मौत हो गई।
बारिश के बीच अपनी फसलों को बचाने की कोशिश करता एक किसान।
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बृहस्पतिवार सुबह बाराबंकी जनपद में गरज-चमक के साथ जोरदार बारिश हुई, जिससे जनजीवन प्रभावित हो गया। आकाशीय बिजली की कड़कड़ाहट से आसमान गूंजता रहा। तेज बारिश के कारण खेतों में खड़ी किसानों की गेहूं की फसल भीग गई, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई। कई किसान बारिश के बीच ही फसल बचाने की कोशिश करते नजर आए।
सुबह लगभग सवा नौ बजे तेज बारिश शुरू हुई, जिसके साथ आई आंधी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। जिले के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। कई स्थानों पर बिजली के खंभे गिर गए और कहीं तार टूटने की घटनाएं सामने आईं। जिला मुख्यालय पर भी सुबह पौने नौ बजे से ही आंधी और बारिश शुरू होते ही बिजली गुल हो गई।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली व्यवस्था ठप रही। हालांकि, इस बारिश और आंधी से भीषण गर्मी से राहत जरूर मिली है, लेकिन फसलों को नुकसान और बिजली संकट ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
गाेंडा। बुधवार की रात बारिश के बाद बृहस्पतिवार की सुबह एक बार फिर मौसम बदल गया है। सुबह से ही तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई है। बारिश के कारण सबसे ज्यादा परेशानी किसानों को हो रही है। किसी के गेहूं की फसल गिर जा रही है तो किसी के गेहूं की फसल भीग गई है।
बहराइच में खेतों में भरा पानी।
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बहराइच के तराई क्षेत्र में रात से ही बरसात हो रही है। मिहींपुरवा, रुपईडीहा, बिछिया व नानपारा में रात से ही बरसात हो रही है। जबकि बहराइच, कैसरगंज, जरवलरोड की ओर सुबह आठ बजे से बरसात प्रारंभ हुई। फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान तराई वाले इलाके में हुआ है। वहां खेतों में नौ इंच तक पानी भर गया है। कटी हुई फसल पानी में डूब गई। जिसे सुबह किसान बाहर निकालते देखे गए। कुछ स्थानों पर बुधवार शाम को ओलावृष्टि हुई थी। इससे गेंहू के फसल की बालियां कट गईं। फसल के साथ बिजली व्यवस्था भी ध्वस्त हो गई। देर रात से ही तराई की बिजली गुल है। कैसरंगज में भी फाल्ट होने के कारण पांच घंटे से बिजली नहीं है।
अयोध्या में हुई बारिश।
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तेज आंधी और बारिश के बीच अयोध्या में जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है। आधी रात के बाद से ही मौसम में बदलाव शुरू हो गया। रात में कई चरणों में तेज हवा और आंधी के साथ बूंदाबांदी हुई। इसके बाद बृहस्पतिवार को सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। मौसम खुशगवार बना हुआ था। तेज पुरवा हवा चल रही थी। सुबह 10:00 बजे के बाद पुरवा हवा ने आंधी का स्वरूप धारण कर लिया। इसी के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई। फिर रुक-रुक कर कभी हल्की और तेज बारिश होती रही।
दोपहर तक तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी है। सड़कों पर आवागमन थम गया है। दिन में भी अंधेरा छाया हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों पर किसानों की गेहूं की कटाई और मड़ाई बाधित हो गई है। जिन किसानों ने गेहूं काट कर रखा था, उनको नुकसान उठाना पड़ा है। हालांकि मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी से काफी हद तक राहत मिल गई है।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. सीताराम मिश्र ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम में यह बदलाव आया है। अभी 12 अप्रैल तक आसमान में बादल छाए रहने के साथ बूंदाबांदी और बारिश होते रहने की संभावना है।
गेहूं की फसल को हुआ नुकसान।
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बेमौसम बारिश ने किसानों को परेशान कर दिया है। खेत पर कटी पड़ी फसल भीग गई है। मौसम बदलने से गर्मी से राहत मिली है। हालांकि बिजली कटौती की भी समस्या ग्रामीण क्षेत्रों में बनी है। बृहस्पतिवार सुबह तेज हवा के साथ कुछ देर के लिए तेज बारिश हुई। किसान फसल बचाने के लिए खेत किसानों पर इंतजाम करते दिखे। किसानों की चिंता को बढ़ा दी है। खेत में पड़ी गेहूं की फसल बिछ गई है।
किसानों का कहना है कि गेहूं कटाई के दौरान अगर बारिश होती है तो गेहूं और भूसा दोनों काला पड़ जाने की संभावना है। जिससे किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। बृहस्पतिवार को तेज हवाओं के साथ बारिश हुई, जिससे अब गेहूं की फसल की मढाई का कार्य प्रभावित हुआ है।