रायबरेली। अब सई नदी का पानी स्वच्छ और निर्मल होगा। इसके लिए शहर में सात सीवरेज पंपिंग स्टेशन और एक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण किया जाएगा। इसका प्रस्ताव तैयार हो गया है। जल निगम ने सीवरेज पंपिंग स्टेशनों के लिए शहर में सात जगहों पर 40 बाई 40 मीटर जमीन और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए दो हेक्टयर जमीन मुहैया कराने को कहा है, ताकि निर्माण शुरू कराया जा सके।
शहर से होकर सई नदी निकली है। सई नदी में इस समय राजघाट नाला, कानपुर नाला, पुलिस लाइंस नाला, कप्तान का पुरवा नाला, महानंदपुर नाला, बेहटा नाला, लोहानीपुर नाले का दूषित पानी गिरता है। इससे सई नदी का अस्तित्व खतरे में है। अब अमृत योजना 2 के तहत जल निगम सई नदी को स्वच्छ और निर्मल बनाने के लिए कवायद शुरू की है।
इसके लिए सात नालों पर सीवरेज पंपिंग स्टेशन और राजघाट के पास एसटीपी का निर्माण किया जाएगा। एसटीपी निर्माण के बाद गंदे नालों का पानी ट्रीटमेंट करके सई नदी में गिराया जाएगा। इससे नदी का पानी स्वच्छ हो सकेगा। इस कार्य में 150 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
क्या है एसटीपी
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में गंदे पानी को विशेष विधि से साफ किया जाता है। इसके लिए भौतिक, रासायनिक और जैविक विधि का प्रयोग किया जाता है। इसके माध्यम से दूषित पानी को स्वच्छ व निर्मल किया जाता है। दूषित पानी से निकलने वाली गंदगी को इस तरह शोधन किया जाता है कि उसका उपयोग वातावरण के सहायक के रूप में किया जाता है।
इस तरह करता है काम
एसटीपी को शहर क्षेत्र के राजघाट के पास बनाया जाएगा ताकि विभिन्न स्थानों से दूषित जल वहां पर पहुंचाया जा सके। दूषित पानी को साफ करने की प्रक्रिया तीन चरणों होती है। पहले ठोस पदार्थ अलग किया जाता है। फिर जैविक पदार्थ को एक ठोस समूह एवं वातावरण के अनुकूल बनाकर इसका प्रयोग खाद व लाभदायक उर्वरक के रूप में किया जाता है। इसके बाद साफ हो चुके पानी को नदी में छोड़ दिया जाता है।
पर्यावरण भी हो सकेगा शुद्ध
कभी सई नदी का पानी स्वच्छ और निर्मल होता था। अनदेखी और नालों का दूषित पानी गिराए जाने की वजह से सई नदी प्रदूषित हो गई है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शहर क्षेत्र के सात नालों से प्रतिदिन 15 एमएलडी दूषित पानी सई नदी में गिराया जाता है। सई नदी का पानी स्वच्छ और निर्मल होने से पर्यावरण भी शुद्ध हो सकेगा।
सीवरेज पंपिंग स्टेशन और एसटीपी निर्माण के लिए पालिका से जमीन मांगी गई है। बजट पहले ही मिल गया है। जमीन मिलने पर कार्य शुरू करा दिया जाएगा। ऐसा होने से सई नदी का पानी स्वच्छ और निर्मल हो सकेगा।
- देवेंद्र कुमार, एक्सईएन, जल निगम