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Violence in UP: टीवी डिबेट में शामिल होकर इस्लाम व मुसलमानों के अपमान की वजह न बनें, मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने की अपील

Fri, 10 Jun 2022 10:40 PM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

बोर्ड ने कहा है कि डिबेट का मकसद रचनात्मक चर्चा कर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना नहीं, बल्कि इस्लाम व मुसलमान को बदनाम करना है। टीवी चैनल्स अपनी तटस्थता साबित करने के लिए एक मुस्लिम चेहरे को भी बहस में शामिल करना चाहते हैं।
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ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड
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विस्तार
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ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने उलमा व बुद्धिजीवियों से टीवी डिबेट में शामिल न होने की अपील की हैं। बोर्ड ने ऐसे लोगों से कहा है कि डिबेट में शामिल होकर इस्लाम व मुसलमानों के अपमान की वजह न बनें।

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बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना सैयद मुहम्मद राबे हसनी नदवी व सभी उपाध्यक्षों ने संयुक्त रूप से बयान जारी कर कहा कि कुछ टीवी चैनलों का मकसद केवल इस्लाम व मुसलमान का उपहास उड़ाना है। ऐसे चैनलों की डिबेट में भाग न लें क्योंकि इसमें शामिल होकर वो इस्लाम व मुसलमानों की कोई सेवा नहीं कर पाते, बल्कि परोक्ष रूप से उनके उपहास का कारण बनते हैं।

बोर्ड ने कहा है कि इन कार्यक्रमों का मकसद रचनात्मक चर्चा के माध्यम से किसी निष्कर्ष पर पहुंचना नहीं, बल्कि इस्लाम व मुसलमान को बदनाम करना है। उलेमा ने कहा कि टीवी चैनल्स अपनी तटस्थता साबित करने के लिए एक मुस्लिम चेहरे को भी बहस में शामिल करना चाहते हैं।
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बोर्ड ने कहा कि हमारे उलमा व बुद्धिजीवी अज्ञानतावश इस साजिश के शिकार हो जाते हैं। अगर हम ऐसे चैनलों का बहिष्कार करते हैं तो इसमें न केवल उनकी टीआरपी कम होगी बल्कि ये अपने मकसद में भी विफल होंगे।

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