लखनऊ। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी हजरतगंज के स्कूलों की मनमानी जारी है। यही वजह है कि बार-बार निर्देश जारी करने के बावजूद पांचवीं तक के बच्चों को स्कूल परिसर के अंदर छोड़ने और वहीं से ले जाने की व्यवस्था नहीं की गई। मंगलवार को भी मासूम स्कूल परिसर के बाहर सड़क पर ही उतारे गए। अब इन स्कूलों के बाहर वीडियोग्राफी कराई जाएगी।
स्कूलों के बाहर व्यवस्था को सुधारने के लिए डीसीपी ट्रैफिक प्रबल प्रताप सिंह ने रणनीति बनाई है। हाईकोर्ट ने एक अक्तूबर को उन्हें प्रगति रिपोर्ट के साथ तलब किया है। डीसीपी ने सभी 16 स्कूलों के बाहर सुबह व दोपहर में ट्रैफिक पुलिस तैनात करने के निर्देश जारी किए हैं। इन स्कूलों के बाहर वीडियोग्राफी कराई जाएगी, ताकि प्रबंधन की मनमानी हाईकोर्ट के सामने पेश की जा सके।
डीसीपी ने इन स्कूलों के बाहर बेतरतीब तरीके से खड़े होने वाले वाहनों के चालान के मंगलवार को आदेश दिए। उन्होंने कहा, स्कूल निर्देशों का पालन नहीं करेंगे तो उन्हें नोटिस दिया जाएगा। 20 दिन तक यातायात से संबंधित समस्या को दूर करने का काम होगा। सभी स्कूलों और अभिभावकों के साथ पुलिस अधिकारी बैठक करेंगे। बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठाए जाने वाले कदम और ट्रैफिक व्यवस्था के संबध में जानकारी दी जाएगी। शहर के अन्य स्कूलों में भी गाइडलाइन का पालन कराया जाएगा। फिर भी सुधार नहीं होता है तो हाईकोर्ट के समक्ष उन स्कूलों की सूची पेश करेंगे, जो मनमानी कर रहे हैं। एक अक्तूबर को अगली सुनवाई है।