रायबरेली। लखनऊ में बृहस्पतिवार को हुई मंडलीय उद्योग बंधु की बैठक में जिले के पांच औद्योगिक क्षेत्रों को जिला उद्योग को हस्तांतरित किए जाने का मामला फिर गूंजा। यूपीसीडा पर औद्योगिक आस्थानों के विकास की जिम्मेदारी थी पर शुल्क वसूलने के बाद भी विकास नहीं कराया। इस मामले में मंडलायुक्त ने यूपीसीडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मयूर माहेश्वरी को पत्र लिखने के निर्देश दिए।
बृहस्पतिवार को मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब की अध्यक्षता में लखनऊ में हुई मंडलीय बैठक में उत्तर प्रदेश इंंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष रोहताश सिंह ने जिले की ओर से प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने मंडलायुक्त को बताया कि वर्ष 1986 को जिला उद्योग केंद्र ने यूपीसीडा को औद्योगिक आस्थानों लालगंज, सलोन, महराजगंज, परशदेपुर, छतोह के विकास का जिम्मा दिया, लेकिन शुल्क वसूलने के बाद भी विकास नहीं कराया।
जिले के छह औद्योगिक क्षेत्रों की जिम्मेदार जिला उद्योग को सौंपने की प्रक्रिया चल रही है। बार-बार निर्देश के बाद भी उत्तर प्रदेश स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीसीडा) हस्तांतरण की कार्रवाई पूरी नहीं कर रहा है। मामले में मंडलायुक्त ने सीईओ को पत्र लिखकर हस्तांतरण का काम जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए।
मंडलायुक्त ने आरडीए सचिव को किया तलब
एसोसिएशन के अध्यक्ष ने मीना कांस्ट्रक्शन के मसले को फिर उठाया। आरोप लगाया कि मीना कांस्ट्रक्शन के हाउजिंग प्रोजेक्ट के लिए आरडीए ने अधिक शुल्क वसूल किया है। ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में प्रोजेक्ट पर हस्ताक्षर होने के बाद भी आरडीए मनमानी कर रहा है।
मामले में मंडलायुक्त ने आरडीए सचिव को तलब करके समस्या के निदान का भरोसा दिया। मंडलायुक्त ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत जिले में एक जिला एक उत्पाद के तहत उपायुक्त उद्योग परमहंस मौर्या को और उद्योग 15 मार्च तक लगवाने की प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए।