लखनऊ। अनएडेड प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन (यूपीएसए) ने प्रदेश सरकार की नई सेवा नियमावली पर ऐतराज जताया। एसोसिएशन ने कहा कि बिना निजी स्कूल प्रबंधकों से विचार-विमर्श थोपी गई नियमावली स्वीकार नहीं होगी। रविवार को यूपीएसए की ऑनलाइन बैठक में नियमावली पर मंथन हुआ। पदाधिकारियों ने शासन से सभी हितधारकों के सुझाव मांगे। अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने नियमावली समिति में निजी स्कूल संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल करने की मांग की। उपाध्यक्ष जीवन खन्ना और वरिष्ठ उपाध्यक्ष ब्रिजेंद्र सिंह ने नियमावली का प्रारूप तुरंत सार्वजनिक करने को कहा। उन्होंने शिक्षकों के हितों, निजी स्कूलों की स्वायत्तता और नवाचार अधिकारों को सुरक्षित रखने पर जोर दिया। संयुक्त सचिव ख्वाजा सैफी यूनुस ने कहा कि बिना वित्तीय सहायता नए दायित्व थोपने से किफायती शिक्षा प्रभावित होगी। यूपीएसए जल्द ही स्कूल प्रबंधकों से सुझाव लेकर एक संयुक्त प्रस्ताव शासन को सौंपेगा।