प्रदेश में राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता व सहायक अध्यापकों के सामान्य तबादले के लिए शनिवार को शासन ने नीति जारी कर दी है। इसके तहत 200 नंबर के गुणांक पर तबादले की वरीयता तय होगी। वहीं तबादले के इच्छुक प्रधानाचार्य व शिक्षक आदि वरीयता पर पांच विद्यालयों का विकल्प देंगे।
शासन के अनुसार ऑनलाइन तबादले में वरीयता क्रम तय किया जाएगा। इसमें खुद को कैंसर आदि गंभीर रोग और जिनके पति-पत्नी, बच्चे किसी दुर्घटना में शारीरिक रूप से दिव्यांग या कैंसर से ग्रस्त हैं के लिए 50-50 गुणांक निर्धारित किए गए हैं। इसी तरह यदि पति-पत्नी कार्मिक हैं, को एक ही जिले में तबादले पर यथासंभव वरीयता दी जाएगी। इसमें एडेड विद्यालय, बेसिक के कार्मिकों को भी 30 नंबर का भारांक दिया जाएगा।
इसी तरह यदि पति-पत्नी सैनिक, अर्द्धसैनिक, केंद्रीय सेवा में प्रदेश में तैनात हैं तो इसके लिए 30 नंबर का भारांक दिया जाएगा। जिनकी आयु 31 मार्च को 58 साल पूरी हो गई है और मंदित बच्चों, पूर्ण दिव्यांग बच्चों के माता-पिता शिक्षकों को 20-20 नंबर का भारांक दिया जाएगा। इन सभी के लिए सक्षम अधिकारी की ओर से जारी प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा। माध्यमिक शिक्षा के विशेष सचिव उमेश चंद्र ने कहा है कि एक ही पद पर एक से अधिक आवेदकों का गुणांक समान होने पर अधिकतम आयु वाले आवेदक को वरीयता दी जाएगी। हर हाईस्कूल में कम से कम दो सहायक शिक्षक, इंटर कॉलेज में दो प्रवक्ता और तीन सहायक अध्यापकों का होना अनिवार्य है। इससे अधिक संख्या होने पर ही शिक्षकों का तबादले के लिए आवेदन पत्र आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा को पत्र भेजकर इसके अनुसार नियमानुसार कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।
यह भी होगी तबादले की अर्हता
- विद्यालय का औसत परीक्षाफल पिछले तीन साल में 60 फीसदी से ऊपर हो। आकांक्षी विकास खंड में आवेदन करने वालों को इससे छूट मिलेगी।
- संवर्गवार कुछ कार्यरत शिक्षकों की संख्या के अधिकतम 10 फीसदी की सीमा तक ही तबादले होंगे
- जिला, विद्यालय व विषयवार खाली पदों का विवरण वेबसाइट पर दिखाया जाएगा।
- परस्पर तबादले के लिए शिक्षक ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसमें 10 फीसदी की बाध्यता भी नहीं होगी।
- 30 जून से पहले शिक्षकों को कार्यमुक्त व कार्यभार ग्रहण कराने की प्रक्रिया पूरी होगी।