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Action : यूपी में बॉन्ड की अनदेखी करने वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों पर दर्ज होने लगी रिपोर्ट, नए बैच की तलाश शुरू

Tue, 20 Dec 2022 06:22 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

UP : बॉन्ड की अनदेखी करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य ने एक विशेषज्ञ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी है, जबकि एसजीपीजीआई में इसकी तैयारी चल रही है।
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सांकेतिक तस्वीर... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रदेश में सरकारी चिकित्सा संस्थानों से मेडिकल की डिग्री लेने वाले डॉक्टरों को हर हाल में बॉन्ड के नियमों का पालन करना होगा। बॉन्ड की अनदेखी करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य ने एक विशेषज्ञ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी है, जबकि एसजीपीजीआई में इसकी तैयारी चल रही है।

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सरकारी चिकित्सा संस्थान से डीएम-एमसीएच करने वालों को बॉन्ड के तहत दो साल चिकित्सा संस्थान अथवा मेडिकल कॉलेज में सेवा देनी होती है। सेवा न देने के बदले एक करोड़ रुपया जमा करना होता है। इसी तरह एमडी-एमसी करने के बाद 40 लाख अथवा दो साल सेवा देनी होती है। वर्ष 2021 में डीएम-एमसीएच करने वाले तीन विशेषज्ञ चिकित्सकों ने किसी सरकारी अस्पताल में सेवा नहीं दी। वे बॉन्ड के नियमों का पालन करने के बजाय निजी अस्पताल में चले गए। 

ऐसे में चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय ने संबंधित कॉलेज प्रशासन को बॉन्ड की अनदेखी करने वाले विशेषज्ञों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने और बॉन्ड की धनराशि की वसूली का निर्देश दिया है। इस निर्देश के बाद एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य ने बॉन्ड के नियमों की अनदेखी करने वाले विशेषज्ञ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी है। उन्होंने इस संबंध में निदेशालय को रिपोर्ट भी भेज दी है। 
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एसजीपीजीआई के कार्यकारी कुलसचिव वरुण वाजपेयी ने बताया कि बॉन्ड की अनदेखी करने वाले के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है। दूसरी तरफ एमएलएन मेडिकल कॉलेज प्रयागराज के प्रधानाचार्य डा. एसपी सिंह ने बताया कि विशेषज्ञ डॉक्टर के गायब होने का मामला डीजीएमई कार्यालय को बता दिया गया है। अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है।

नए बैच की शुरू हुई तलाश
डीजीएमई श्रुति सिंह ने बताया कि वर्ष 2022 बैच के एमडी, एमएस, डीएम और एमसीएच डिग्री हासिल करने वालों को काउंसिलिंग के तहत विभिन्न कॉलेजों में भेजा गया है। अब सभी चिकित्सा संस्थानों एवं मेडिकल कॉलेजों से यह रिपोर्ट मंगाई गई है कि जिन्हें कॉलेज अलार्ट किया गया, उन्होंने कार्यभार ग्रहण किया अथवा नहीं। इस रिपोर्ट के मिलने के बाद गायब होने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। इसके बाद बॉन्ड राशि की वसूली के लिए शासन को लिखा जाएगा। बॉन्ड के नियमों की किसी भी कीमत पर अनदेखी नहीं होने दी जाएगी।

अमर उजाला ने किया खुलासा
वर्ष 2021 बैच में डीएम-एमसीएच डिग्री हासिल करने के बाद गायब रखने वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों का मुद्दा अमर उजाला ने उठाया। 20 अक्तूबर को सरकारी बॉन्ड असरकारी नहीं, डॉक्टर हो गए गायब शीर्षक से खबर प्रकाशित किया। खबर छपने के बाद डीजीएमई कार्यालय सक्रिय हुआ। सभी कॉलेजों से रिपोर्ट मंगाई गई। फिर गायब होने वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने का निर्देश दिया गया। अब वर्ष 2022 बैच के डिग्रीधारियों की भी पड़ताल शुरू कर दी गई है।

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