प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई) के अन्तर्गत ‘सहभागिता से किफायती आवास’ घटक में बन रहे दुर्बल आय वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के मकानों में रहने वाले गरीबों को भी सड़क, जल निकासी, पेयजलापूर्ति, बिजली आपूर्ति, सीवर जैसी मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इस संबंध में आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने एक गाईडलाइन तैयार कराया है, जिसे सभी कमिश्नर, डीएम, आवास आयुक्त व विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्षों और नगर आयुक्तों को भेज दिया गया है।
बता दें कि सरकार ने इस घटक के तहत प्रदेश में गरीबों के लिए ईडब्ल्यूएस के चार लाख मकान का लक्ष्य तय किया है। इसमें आवास विकास परिषद को 1.20 लाख और विकास प्राधिकरणों को 2.80 लाख मकान बनाना है। इसके मद्देनजर सरकार ने यह फैसला किया था कि जहां पर इस श्रेणी के मकान बनाए जाएंगे, उस स्थान का विकास भी कराया जाएगा। इसके तहत ही आवास विभाग ने गाइडलाइन तैयार किया है। इस गाईडलाइन के मुताबिक जिस पॉकेट में 1000 से अधिक मकान बनेंगे और वहां सार्वजनिक वितरण प्रणाली केअलावा रोजमर्रा की वस्तुओं की बिक्री के लिए दुकानें बनाई जाएंगी। बशर्ते उस कालोनी के 500 मीटर के दायरे में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानें नहीं होनी चाहिए।
गाइडलाइन के मुताबिक ईडब्ल्यूएस श्रेणी के मकानों से संबंधित कालोनियों को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए अप्रोच रोड का निर्माण लोकनिर्माण विभाग को कराना होगा। इस रोड के दोनों ओर पौधरोपण कराने की जिम्मेदारी वन विभाग की होगी। इसी तरह पेयजलापूर्ति के लिए ओवर हेड टैंक, प्लांट, नलकूप, पम्पिंग प्लांट और पंप हाउस के निर्माण की जिम्मेदारी जल निगम को कालोनी के बाहरी हिस्से में विद्युतीकरण समेत अन्य संबंधित व्यवस्था बिजली विभाग को सौंपी गई है। इसके अलावा प्रत्येक कालोनी में प्राथमिक विद्यालय, स्वास्थ्य सेवा केंद्र एवं आंगनवाड़ी केंद्र की व्यवस्था की जाएगी।