फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP News : बरेली के वरिष्ठ जेल अधीक्षक राजीव और नैनी जेल के शशिकांत सिंह और बांदा के जेल अधीक्षक अविनाश निलंबित

Wed, 05 Apr 2023 12:39 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

डीजी जेल एसएन साबत ने बताया कि बरेली जेल में माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ से नियम विरुद्ध तरीके से मुलाकात कराने के मामले में वरिष्ठ जेल अधीक्षक राजीव कुमार शुक्ला को निलंबित किया गया है।
विज्ञापन
बरेली सेंट्रल जेल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जेलों में छापा मारने के दौरान तमाम अनियमितता मिलने पर बरेली, नैनी और बांदा जेल के वरिष्ठ जेल अधीक्षक को डीजी जेल एसएन साबत ने निलंबित कर दिया है। तीनाें निलंबित अधिकारियों पर शिथिल पर्यवेक्षण करने और लापरवाही बरतने का आरोप है। इन तीनों जेलों में चार दिन पूर्व स्थानीय डीएम एवं एसपी ने छापा मारा था, जिसमें तमाम आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद हुई थीं।

विज्ञापन


डीजी जेल एसएन साबत ने बताया कि बरेली जेल में माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ से नियम विरुद्ध तरीके से मुलाकात कराने के मामले में वरिष्ठ जेल अधीक्षक राजीव कुमार शुक्ला को निलंबित किया गया है। उनके खिलाफ डीआईजी जेल आरएन पांडेय ने अपनी जांच रिपोर्ट में उल्लेख किया था कि वरिष्ठ जेल अधीक्षक का अपने अधीनस्थों पर कोई नियंत्रण नहीं था। डीआईजी ने वरिष्ठ जेल अधीक्षक के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की सिफारिश भी की थी।

नैनी जेल में मिले चाकू, लाइटर
नैनी जेल में बीती 31 मार्च को प्रशासनिक अधिकारियों ने छापा मारा था। इस दौरान चम्मच से बनाए गये 15 चाकू, 11 लाइटर और तमाम आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद हुई थीं। अफसरों ने खासकर अतीक के बेटे अली की बैरक को गहनता से खंगाला था। इसी वजह से नैनी जेल के वरिष्ठ जेल अधीक्षक शशिकांत सिंह को निलंबित कर दिया गया है।
विज्ञापन


डीजी जेल ने बताया कि बांदा जेल में बीते कई दिनों से तमाम गड़बड़ियों की शिकायत मिल रही थीं। बार-बार चेतावनी के बावजूद लापरवाही बरतने पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक अविनाश गौतम को निलंबित किया गया है। ध्यान रहे कि बांदा जेल में माफिया मुख्तार अंसारी बंद हैं। अविनाश गौतम को दो माह पूर्व रायबरेली से बांदा भेजा गया था। इससे पहले मुख्तार की मदद के आरोप में रंजीत सिंह, तारकेश्वर सिंह, वीरेश्वर प्रताप सिंह समेत तमाम जेलकर्मी निलंबित हो चुके हैं। हालात इतने बदतर हो गए थे कि कोई भी अधिकारी बांदा जेल नहीं जाना चाहता था।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें