किसान संदेश अभियान के जरिए रालोद मुद्दों का वर्गीकरण करेगा। एक लाख पत्र विभिन्न डाकघरों से मुख्यमंत्री के नाम प्रेषित किए जा रहे हैं जिनमें प्रदेश की विभिन्न समस्याओं को उठया गया है। रालोद मुद्देवार सूची तैयार करेगा और आगे उन्हीं पर आंदोलन की तैयारी की जाएगी।
रालोद के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल दुबे ने बताया कि खास तौर पर किसानों के मुद्दों को लेकर रालोद ने किसान संदेश अभियान शुरू किया है। इसके तहत सीएम को पत्र भेजे जा रहे हैं। गांव गांव जाकर इस बाबत लोगों को रालोद कार्यकर्ता जागरूक कर रहे हैं। मुख्य रूप से गन्ने का पूरा बकाया भुगतान, 14 दिन में भुगतान न होने पर ब्याज, गन्ने का लाभकारी मूल्य, आवारा पशुओं से निजात, बिजली व्यवस्था में सुधार, कानून व्यवस्था में सुधार एवं विकास के मुद्दे इन पत्रों में उठाए जा रहे हैं। रालोद यह भी सर्वे कर रहा है कि प्रदेश में किसान सबसे ज्यादा किस समस्या से परेशान हैं। उसी आधार पर क्रम तय कर रालोद उन्हीं को जोरशोर से उठाएगा। महिला उत्पीड़न के मामलों को भी इनमें शामिल किया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर और सक्रिय होने की तैयारी
रालोद सोशल मीडिया पर और सक्रिय होने की तैयारी कर रही है। इसके लिए खास तौर युवाओं को जोड़ा जा रहा है। पश्चिमी उप्र के अलावा प्रदेश केदूसरे हिस्सों में भी इस पर फोकस करने की तैयारी है। मध्य तथा पूर्वी उप्र के स्थानीय मुद्दों को भी उठाने की रूपरेखा तैयार करने का कहा गया है। रालोद प्रमुख चौधरी जयंत सिंह ने इस बाबत पार्टी केआला पदाधिकािरयों से बात की है और कहा है कि मध्य तथा पूर्वी यूपी की योजना भी तैयार करो।