पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह।
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पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने संस्कृति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि भजन कीर्तन, रामलीला तथा रासलीला मंडलियों के रजिस्ट्रेशन के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू करें। हर ग्राम सभा में एक भजन मंडली का पंजीकरण अनिवार्य रूप से किया जाए। साथ ही प्रदेश के संग्रहालयों में आगंतुकों की संख्या बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों तथा अन्य शिक्षण संस्थाओं के छात्रों को जागरूक किया जाए। इसमें युवा क्लब का भी सहयोग लिया जाए।
वे पर्यटन निदेशालय में संस्कृति विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने दिसंबर में हुई समीक्षा बैठक में दिए निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन कराने को कहा है। इसके कुछ बिंदुओं पर कार्यवाही न किये जाने पर नाराजगी जताते हुए जल्द क्रियान्वयन के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में दिए निर्देशों के अनुपालन के बाद ही संबंधित कर्मियों के वेतन जारी करने को कहा।
जयवीर सिंह ने विभाग के अंतर्गत आने वाली सभी अकादमी तथा संस्थानों में चल रहे कार्यों में गति लाने के साथ ही लापरवाह कर्मियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने को कहा है। कार्यक्रमों के आयोजन में वित्तीय अनुशासन लागू करने, भारतेंदु नाटक अकादमी, संगीत नाटक अकादमी, ललितकला अकादमी आदि संस्थानों में लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए कहा है। उन्होंने शासन की ओर से आवंटित धनराशि का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने को कहा।
पर्यटन मंत्री ने अयोध्या शोध संस्थान द्वारा कराये जा रहे सभी कार्यों में पारदर्शिता एवं समयबद्धता का पालन करने को कहा। उन्होंने अधूरे कार्यों को समय से पूरा करने के निर्देश दिये। प्रमुख सचिव संस्कृति मुकेश कुमार मेश्राम ने प्रदेश की संस्कृति नीति तैयार करने के लिए सभी अकादमियों से एक सप्ताह में सुझाव देने को कहा। इस अवसर पर विशेष सचिव संस्कृति अमरनाथ उपाध्याय, पर्यटन सलाहकार जेपी सिंह आदि संस्कृति विभाग के अधिकारी मौजूद थे।