उत्तर प्रदेश में लगातार तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। बारिश के चलते अलग-अलग जिलों में हुए हादसों में 31 लोगों की मौत हो गई। बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए हैं। लखनऊ में दीवार ढहने से मलबे में दबकर नौ लोगों की मौत हो गई। वहीं, गोंडा में बिजली का खंभा टूटकर गिरने से फैले करंट से तीन लोगों की मौत हो गई। उन्नाव में पांच, रायबरेली में दो व सीतापुर में भी एक मौत की सूचना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी मृतकों के परिवारीजनों को 4-4 लाख रुपये देने का एलान किया है। घायलों के उपचार व राहत कार्य में तेजी के निर्देश दिए हैं। साथ ही, फसलों को हुए नुकसान के सर्वे का भी आदेश दिया है।
लखनऊ के कैंट के दिलकुशा में सेना के ऑफिसर्स कॉलोनी की दीवार शुक्रवार तड़के तीन बजे भरभराकर गिर गई। इसके मलबे में दबने से दो परिवार के नौ लोगों की जान चली गई। इनमें तीन मासूम भी थे। ये परिवार मजदूरी करते थे और निर्माणाधीन दीवार के पास ही छप्पर बनाकर रहते थे। डीएम सूर्यपाल गंगवार के अनुसार हादसे के वक्त सभी सो रहे थे। दो घंटे तक चले रेस्क्यू में सेना, एसडीआरएफ व कमिश्नरेट पुलिस ने मलबा हटाकर दो लोगों को जिंदा निकाला। सभी मृतक झांसी और मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ के रहने वाले थे। वहीं, उन्नाव में बारिश के चलते कच्चे घर व छप्पर गिरने से तीन स्थानों पर पांच लोगों की मौत हो गई। घायल राघवेंद्र के रिश्तेदार अनिल की तहरीर पर कैंट थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ खराब निर्माण सामग्री प्रयोग करने और लापरवाही का मुकदमा दर्ज किया गया है।
गोंडा में चार की मौत हुई। इनमें से तीन की मौत बिजली के टूटे तार की चपेट में आने से हुई। तीनों बाइक से जा रहे थे। इनमें दो भाई थे। वहीं, करनैलगंज में बिजली गिरने से एक अधेड़ की मौत हो गई। रायबरेली में दो मंजिला मकान गिरने से ढाई साल के बच्चे और डलमऊ में दीवार ढहने से डेढ़ साल के बच्चे की मौत हो गई। सीतापुर में टिनशेड के नीचे दबने से 30 साल के युवक ने दम तोड़ दिया। इसके अलावा फतेहपुर में तीन, प्रयागराज में दो व कानपुर-झांसी, कन्नौज में 1-1 की मौत हो गई।
बंद करने पड़े स्कूल
बारिश से लखनऊ के अलावा, बाराबंकी, सीतापुर, लखीमपुर, बरेली, अयोध्या, रायबरेली, फतेहपुर, प्रयागराज, झांसी, कन्नौज आदि जिलों में पेड़ गिरने, तार टूटने, ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त होने, केबल फाल्ट समेत अन्य तकनीकी गड़बड़ियों के कारण बिजली घंटों गुल रही। लखनऊ में तो तीन चौथाई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। बारिश से तकरीबन पूरा शहर जलमग्न हो गया। स्थिति को देखते हुए डीएम सूर्यपाल गंगवार को स्कूलों की छुट्टी का आदेश जारी करना पड़ा।
मां की छाती से चिपकी थी बच्ची, हाथ में मिला टूटा हुआ खिलौना
मां दीवार के नीचे दबी हुई थी। उसके पैर दिख रहे थे। एक बच्ची का हाथ भी नजर आ रहा था, जिसमें टूटा हुआ खिलौना था। जब मलबा हटाया गया तो मां की छाती से चिपकी बच्ची दिखी। दोनों की मौत हो चुकी थी। मजदूर भी मलबे के नीचे बुरी तरह दबे हुए थे। किसी का सिर ईंटों के नीचे था तो किसी के पेट पर दीवार का मलबा पड़ा था। ये दर्दनाक वीभत्स नजारा एसडीआरएफ की टीम को दिलकुशा में दीवार गिरने से हुए हादसे में रेस्क्यू के दौरान दिखा। दिलकुशा में सैन्य अफसरों का गौर एन्क्लेव है, जहां 150 से अधिक अफसर रहते हैं। भारी बारिश के चलते बृहस्पतिवार देर रात दीवार से सटे मजदूरों के आशियाने पर एन्क्लेव की दीवार भरभराकर गिर गई। हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई।