वहीं, डीएल प्रिंट करने वाली कंपनी स्मार्ट चिप प्राइवेट लिमिटेड ने इस महीने 40 हजार चिप के इंतजाम का दावा किया है। उधर, परिवहन आयुक्त ने काम खत्म नहीं होने पर इस कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी है।
प्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस प्रिंट कर आवेदकों को डाक से घर भेजने की व्यवस्था तार-तार हो चुकी है। पिछले साल के 15 नवंबर से अभी तक ढाई लाख डीएल की प्रिंटिंग चिप नहीं मिलने से लंबित हैं। इससे ड्राइवर परेशान हो रहे हैं।
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वहीं, डीएल प्रिंट करने वाली कंपनी स्मार्ट चिप प्राइवेट लिमिटेड ने इस महीने 40 हजार चिप के इंतजाम का दावा किया है। उधर, परिवहन आयुक्त ने काम खत्म नहीं होने पर इस कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी है। ड्राइविंग लाइसेंस में एक चिप लगाई जाती है। इसकी आपूर्ति यूक्रेन और रूस युद्ध के चलते बाधित है और चिप की कमी बनी हुई है। इससे प्रदेश में ढाई लाख से अधिक डीएल प्रिंट नहीं हो सके हैं।
डीएल आवेदकों की समस्याओं को देखते हुए परिवहन आयुक्त चंद्रभूषण सिंह ने डीएल प्रिंट करने वाली स्मार्ट चिप कंपनी को 31 मार्च का समय दिया है। यानी अगर ढाई लाख लंबित डीएल की प्रिंटिंग पूरी नहीं हुई तो इस कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।
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गौरतलब है कि पिछले तीन महीने में परिवहन विभाग के हेल्पलाइन नंबर 18001800151 पर आवेदकों ने डीएल नहीं मिलने की लगभग 18 हजार शिकायतें दर्ज कराई हैं। इनमें से कई लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होने के कारण ड्यूटी नहीं मिल पा रही है। वहीं, बहुत से लोगों को खाड़ी देश जाकर ड्राइविंग करनी थी, पर ऐसा नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में डीएल प्रिंट नहीं होने से काफी संख्या में ड्राइवर बेरोजगार हो गए हैं।
कंपनी पर लगेगा जुर्माना
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कंपनी को जो समय दिया गया है, उसमें ड्राइविंग लाइसेंस प्रिंट नहीं होने पर 10 रुपये प्रति डीएल की दर से जुर्माना लगाया जाएगा। जुर्माना की गणना करने के लिए मुख्यालय पर उप परिवहन आयुक्त को जिम्मेदारी सौंपी गई है।