नगर निकायों में आकस्मिक कार्य की आड़ में फिजूलखर्ची की शिकायतों को देखते हुए सरकार ने हर साल अलग-अलग ब्योरा तैयार कराने का फैसला किया है। इसके लिए नगर विकास विभाग को निर्माण कार्यों के अलावा खर्च, वेतन भुगतान, अवस्थापना विकास समेत अन्य कार्यों का विवरण देना होगा। इसके आधार पर ही वार्षिक पुस्तिका प्रकाशित की जाएगी।
सूत्रों का कहना है कि ब्योरे के आधार पर निकायों की आमदनी और खर्च का सत्यापन भी कराया जाएगा। इसीलिए वसूली व खर्च के साथ नवनिर्मित और मरम्मत वाली सड़कों की लंबाई व चौड़ाई का ब्योरे में विशेष तौर पर उल्लेख करने को कहा गया है।
इन बिंदुओं पर मांगा ब्योरा
नगर निकायोंके क्षेत्रफल के साथ जनसंख्या, कार्यरत कर्मचारियों का वेतन, गृहकर, विज्ञापन, जल, प्रेक्षागृह, पशु, वाहन समेत अन्य कर व राजस्व वसूली का उल्लेख करने को कहा गया है। आय, करेतर व शासकीय मद से होने वाली आय और विकास, नागरिक सुविधाओं, अधिष्ठान, नवनिर्माण, मरम्मत कार्य, पथ प्रकाश, सड़क निर्माण, भवन, नाला, नाली, सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, सीवर व विज्ञापन आदि मदों में खर्च का भी ब्योरा मांगा गया है।
47 नगर निकायों ने भेजा ब्योरा
बिलारी, ठाकुरद्वारा, हसनपुर, बछराऊं, धामपुर, सरधना, अनूपशहर, शिकारपुर, गुलावटी, तिलहर, जलालाबाद, राठ, बिलग्राम व शाहगंज नगर पालिका परिषदों ने ब्योरा भेज दिया है। इसी तरह गंवा, सिरसी, नौगवांसादात, जोया, मसवासी, सहसपुर, दोघट, छपरौली, टीकरी, ककोड़, खानपुर, बुगरासी, छतारी, एलम, सखानू, खैरागढ़, स्वामीबाग, बरसाना, चौमुहा, डलमऊ, ऊंचाहार, इल्तिफातगंज, मनकापुर, खरगूपुर, तुलसीपुर, पचफेड़वा, मगहर, कोपागंज, अमिला, घोसी, वलीदपुर, जफराबाद, खेतासराय नगर पंचायतों ने भी ब्योरा भेज दिया है।