खेत तालाब योजना में अनियमितता सामने आने पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने जालौन में तैनात तीन भूमि संरक्षण अधिकारियों को कृषि मुख्यालय लखनऊ संबद्ध कर दिया है। पूरे प्रकरण विभागीय जांच भी चलेगी।
जनपद जालौन में खेत तालाब योजना में गड़बड़ी सामने आई थी। भूमि सरंक्षण विभाग के अधिकारियों ने खेत तालाब योजना में गड़बड़ी की थी। जांच में सामने आया था कि 6 साल में 1595 तालाब खोदे पर काफी तालाब कागजों में ही खोदे दिखाए गए। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ, जब ग्राउंड पर इसका सत्यापन कराया गया। मौके पर तालाब तो नहीं मिले, लेकिन भूमि संरक्षण की इकाइयों द्वारा भुगतान करा लेने के प्रमाण मिले। इस आधार पर विभाग के 30 से अधिक कर्मचारी कार्रवाई दायरे में हैं।
हालांकि आरोपियों का कहना था कि तालाब तो खुदे हैं पर कुछ तालाबों के खसरा नंबरों में अंतर है। किसान नहीं बदले हैं बल्कि जरूरत के आधार पर नंबर बदल गया है। कृषि मंत्री के मुताबिक इस प्रकरण में जालौन जिलाधिकारी ने आठ भूमि संरक्षण अधिकारियों पर कार्रवाई की संस्तुति की थी जिनमें से पांच को पहले ही वहां से हटाया जा चुका है।
अब भूमि संरक्षण अधिकारी परितोष मिश्रा को वहां से हटाकर लखनऊ संबद्ध किया गया है। उनके स्थान पर राजेन्द्र प्रसाद त्रिपाठी को तैनात किया जा चुका है। इसके साथ ही 02 भूमि संरक्षण अधिकारियों भूमि संरक्षण अधिकारी राष्ट्रीय जलागम जालौन प्रथम शहाबउद्दीन तथा द्वितीय भीमसेन को भी कृषि मुख्यालय कृषि भवन लखनऊ से सम्बद्ध कर दिया गया है।